नरैनी (बांदा) प्रशासन द्वारा खनिज माफियाओ को दी गयी खुली छूट,लहु रेटा गांव में निजी भूमि के पट्टा धारकों द्वारा भूमि को इस तरीके के खोदकर बालू की निकासी करना आखिर कहा तक जायज कहा जा सकता हैं।खनन माफिया नियम विरुद्ध तरीके से भारी भरकम मशीनो से अंधाधुंध जमीन की खोदाई कर बालू की निकासी कर रहे है।नदी किनारे बालू निकासी करने के लिए मिले निजी भूमि के पट्टे के लिए दिनरात खनिज माफिया अवैध तरीके से खनन कार्य करवा रहे है।मौके पर जब पड़ताल की गई तो खनिज माफियाओ की काली करतुते उजागर हो गयी।मानक के सभी नियम दरकिनार कर लहु रेटा गांव के किनारे नदी के समीप मौजूद निजी भूमि पट्टे धारकों द्वारा खनन कार्य किया जा रहा हैं।बता दे कि मानक के मुताबिक पट्टा धारकों द्वारा इतनी बेतरतीब जमीन की खोदाई का कार्य किया गया कि खनन वाली जगह में जमीन के नीचे से पानी निकल आया।साथ ही दिन में आधा दर्जन पोकलैण्ड मशीने खोदती नजर आई।खनन के लिए निश्चित भूभाग से ज्यादा क्षेत्रफल में खनन का काम होते देखा गया।हालांकि प्रशाशन भले ही कार्यवाही का ढिढोरा पीटे लेकिन मौके की स्थिति देखकर ऐसा प्रतीत नही होता निरंकुश हो चुके बालू खनन माफिया खुलेआम नियम कानूनों को दरकिनार कर खनन कार्य के लगातार जुटे पड़े हुए है।बता दे कि बालू माफिया पैसे व बंदूक की दम पर आसपास की जमीनों को बंजर बनाने में जुटे हुए है।कृषि योग्य जमीनो को भी हथियाकर खोदाई करने का कार्य किया जा रहा।खेतो में खड़ी बाजरे की फसल भी बंदूक की नोक व पैसे के रसूख से नस्ट किये जाने का काम किया जा रहा हैं। स्थानीय प्रशासन भी सड़क मार्ग से गुजर रहे ट्रकों पर कार्यवाही कर अपनी पीठ थपथपाये जाने का कार्य कर रुखसत हो जाता हैं।लेकिन मौके पर जब पड़ताल की गई तो खनिज माफियाओं द्वारा सभी नियम तोड़ते नजर आए।