यूजीसी के ‘इक्विटी रेगुलेशन’ के खिलाफ सवर्ण संगठनों ने फूंका बिगुल, 7 को महा-आंदोलन
बाँदा। विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के विवादित ‘इक्विटी रेगुलेशन’ के विरोध में जनपद के समस्त सवर्ण संगठनों ने एकजुट होकर महा-आंदोलन का ऐलान कर दिया है। सोमवार को हुई बैठक में सवर्ण संगठनों ने इस नियम को ‘काला कानून’ बताते हुए इसे सवर्ण छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करार दिया।
सवर्ण छात्रों की ‘मॉब लिंचिंग’ का हथियार है नया नियम: उमेश तिवारी
सवर्ण आर्मी के मण्डल अध्यक्ष उमेश तिवारी ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यूजीसी का यह नया नियम परिसरों में सवर्ण छात्रों की सुनियोजित ‘मॉब लिंचिंग’ का हथियार बनेगा। उन्होंने कहा, “देश में पहले से ही एंटी-रैगिंग, एससी-एसटी एक्ट और महिला उत्पीड़न जैसे प्रभावी कानून मौजूद हैं, ऐसे में इस विभाजनकारी नियम की क्या प्रासंगिकता है? यह केवल योग्यता का गला घोंटने और कैंपस में भय का माहौल बनाने की साजिश है।” उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि डर के साये में ‘विकसित भारत’ का सपना संभव नहीं है, इसलिए अब जागने का समय है।
7 फरवरी को जीआईसी मैदान में शक्ति प्रदर्शन
आगामी 7 फरवरी (शनिवार) को समस्त सवर्ण संगठनों ने सुबह 11 बजे जी.आई.सी. मैदान, बाँदा में एकत्र होने का आह्वान किया है। यहाँ से भारी संख्या में युवा और नागरिक जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन सौंपेंगे। संगठनों की स्पष्ट मांग है कि इस ‘काले कानून’ को तत्काल प्रभाव से वापस लिया जाए।
एक नजर में आंदोलन:
दिन व समय: 7 फरवरी, शनिवार (सुबह 11 बजे)
स्थान: जी.आई.सी. मैदान, बाँदा
लक्ष्य: जिलाधिकारी के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन सौंपना।
समस्त सवर्ण संगठनों ने जनपदवासियों से इस अधिकार की लड़ाई में भारी संख्या में जुटने की अपील की है।