आपको बताते चलें कि बबेरू में गंगासागर यादव जोकी बगैर डिग्री के प्रैक्टिस करता है कई सालों में कई जिंदगियों को तबाह कर दिया है तथा कई जिंदगियों को मौत के घाट भी उतार दिया है ज्यादा पैसा कमाने के चक्कर में ऐसे इलाज भी करते हैं जिनके बारे में जरा सी भी जानकारी नहीं है जैसे ऑपरेशन करना भ्रूण हत्या करना एबॉर्शन करना गंभीर बीमारियों का इलाज भी सर पट्टे के साथ करते हैं तथा अपने को एमबीबीएस और बीएमएस डॉक्टर भी बताते हैं इनके साथ कई और लोग भी शामिल हैं जो अपने आप को नर्सिंग वा फार्मेसिस्ट की डिग्री होना बताया जाता है एक पूरा गैंग बनाकर के सुनियोजित तरीके से लूट का काम करते हैं वह भी ऐसी लूट जिससे लोगों की जिंदगी समाप्त हो जाती है पैसा का ऐसा लालच ना जाने कितनी जिंदगी को बर्बाद कर रहा है डॉक्टर भगवान का रूप होता है परंतु इन्हें कहीं से भी डॉक्टर कहना डॉक्टर शब्द का अपमान होगा कई बार शिकायतें सीएमओ कार्यालय तक भी पहुंच जाती हैं थाने भी पहुंच जाती है परंतु या तो दबाव डालकर उनके प्रार्थना पत्र वापस करा दिए जाते हैं या फिर पैसे के लेनदेन से मामला रफा-दफा कर दिया जाता है ऐसा ही मामला एक कुछ दिन पहले देवारथा गांव की महिला का भी आया था और वैसा ही मामला सावित्री देवी पत्नी राममिलन कौन कुम्हार निवासी समगरा जोकि मौत से जूझ कर अभी हाल ही में झांसी मैं इलाज करा कर अपने गांव वापस आई है अभी जानकारी हुई है तीन-चार दिन पहले इन्हीं के इलाज से एक मौत हो चुकी है जिसको इन्होंने दबा दिया है ऐसे डॉक्टर जो लोगों को मौतें बांट रहे हो अधिकारी मौन है स्वास्थ्य विभाग में सन्नाटा है सीएमओ व्यस्त और मस्त हैं उन्हें इस तरह के झोलाछाप डॉक्टरों को देखने की फुर्सत ही नहीं है अगर आम आदमी मरता है इन बड़े अधिकारियों को कुछ ज्यादा फर्क नहीं पड़ता है परंतु फर्क तो उसे पड़ता है जिसके परिवार का सदस्य इस दुनिया से चला जाता है ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ आख़िर स्वास्थ्य विभाग कार्रवाई करने में आनाकानी क्यों करता है अभी जानकारी यहां तक भी मिली है कि कुछ व्यक्तियों के माध्यम से उच्च अधिकारियों से सांठगांठ करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की जा रही है खबर सूत्रों से है अभी हम आगे की जानकारी आपको लगातार अपडेट करते रहेंगे और ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई करवाते रहेंगे जी स्टार न्यूज़ बांदा से