नरैनी बांदा आपको बताते चलें नरैनी मे संचालित अस्पताल जिसमें बीएमएस डॉक्टर राम सजीवन के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के दिए गए आदेश
सीएमओ बांदा को दी गई जांच करने के आदेश सीएमओ बांदा ने जांच अधिकारी नरैनी एमवाईसी को नियुक्त किया है डॉ आशुतोष कुमार सिंह एवं डॉक्टर जीवन प्रकाश चिकित्सा अधिकारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नरैनी बांदा को जांच अधिकारी नामित किया गया था जांच अधिकारी ने अपने जांच में यह स्पष्ट किया है की डॉ राम सजीवन के अस्पताल में उर्मिला देवी कटरा निवासी कालिंजर के हाथ पर चोट आई थी जिसका इलाज कराने डॉ राम सजीवन के अस्पताल में पहुंची थी जांच अधिकारी ने जानकारी दी की उपरोक्त महिला का डॉक्टर राम सजीवन के अस्पताल में डॉ राम सजीवन के कर्मचारियों द्वारा इंजेक्शन लगाया गया इंजेक्शन के कारण प्रार्थी या की हालत बिगड़ गई तुरंत ही प्रार्थी या को नरैनी सीएचसी भर्ती कराया गया हालत पर सुधार नहीं हो सका जिसके बाद बांदा जिला हॉस्पिटल रिफर कर दिया गया परंतु उनकी वहां मौत हो गई
डॉ राम सजीवन से जब इस बाबत जानकारी की गई तो उन्होंने मरीज को इंजेक्शन लगाना स्वीकार नहीं किया और यह जानकारी दी उनकी हालत पहले से ही गंभीर थी हमारी अस्पताल तो आई है पर हमने इलाज नहीं किया परंतु कुछ लोग हमें जानबूझकर फसाना चाहते हैं अब यह देखना है की सच्चाई क्या है वह तो जांच में आ ही जाएगा और आगे क्या कार्रवाई होती है यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा केके दीक्षित की रिपोर्ट
