आवास विकास में अवैध तरीके से संचालित अस्पताल/पैथालॉजीयों की शिकायत मुख्यमंत्री महोदय से करने के बाद लखनऊ सीएम ऑफिस से आयी जांच में भी 15 दिन बीत जाने के बाद भी जिले के अधिकारियों द्वारा कोई जांच/कार्यवाही नहीं
विषय … आवास विकास में अवैध तरीके से संचालित अस्पताल/पैथालॉजीयों की शिकायत मुख्यमंत्री महोदय से करने के बाद लखनऊ सीएम ऑफिस से आयी जांच में भी 15 दिन बीत जाने के बाद भी जिले के अधिकारियों द्वारा कोई जांच/कार्यवाही न करने के सम्बन्ध में !
जैसा कि आप जानते हैं कि आवास विकास में आवासीय भवनों में संचालित अस्पताल / पैथालॉजि यो की शिकायत मुहल्ले के निवासियों ने पहले जिले के सभी आला अधिकारियों को लिखित में किया था जिसके कारण आवास विकास परिषद ने उक्त भवन स्वामियों को खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किया था व बांदा पुलिस से भी लिखित में अस्पताल/पैथालॉजी खाली कराने के लिए सहयोग मांगा था ,!
लेकिन अस्पताल/ पैथालॉजी संचालकों की सत्ता के लोगों से सम्बन्ध व अधिकारियों से साठगांठ के चलते इस जांच को दबा दिया गया !
जिसके कारण मैंने शिकायत पत्राचार के माध्यम से मुख्यमंत्री महोदय उत्तर प्रदेश सरकार को भेजा ,!
इस शिकायत पर सीएम ऑफिस के विशेष सचिव महोदय ने जिलाधिकारी महोदया को 15 फरवरी को जांच व कार्यवाही के आदेश दिए लेकिन 15 दिन से ज्यादा का समय बीत जाने के बावजूद इस प्रकरण में न तो कोई जांच हुई न ही कार्यवाही
आखिर किसके दबाव में जिले के अधिकारी जांच व कार्यवाही करने से बच रहे हैं ये बड़ा प्रश्न है ?
जब मैंने जिलाधिकारी महोदया द्वारा नामित जांच अधिकारी/ मुख्य चिकित्सधिकारी बांदा से फोन द्वारा जांच व कार्यवाही के लिए पूंछा तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया और कहा कि उक्त प्रकरण मेरे विभाग का नहीं है मैं जांच कैसे करूं !
ये प्रकरण लगभग 06 महीने से चल रहा है लेकिन जिले के अधिकारियों की उदासीनता के चलते हर बार इसकी जांच ठन्डे बस्ते में चली जाती है !
अगर जांच/ कार्यवाही नहीं होती तो हम लोग बहुत बहुत जल्द इस मामले को जनहित याचिका के रूप में माननीय उच्च न्यायालय इलाहाबाद में ले जाएंगे ! बस हमें केवल जांच अधिकारी की आख्य का इंतजार है !