बुझाना है प्यास तो दलदल से गुजरना होगा गौवंशो को
गौवंशों के लिए पचोखर गौशाला या फिर कैदखाना
बांदा- महुआ ब्लाक अंतर्गत पचोखर में बनी गौशाला में गौवंशों को पानी पीने के लिए घुटने से भरे दलदल से होकर गुजरना पड़ता है जो की गौवंशों को प्यास बुझाने के लिए किसी इम्तिहान से कम नहीं है। गौशाला एवं गौवंशों की स्थिति देखने पहुंचे विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा समिति के जिला प्रवक्ता उमेश तिवारी ,तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया एवं तहसील संयोजक अमन करवरिया तो उन्होंने पाया की पचोखर में बनी अस्थाई गौशाला में कई गौवंश घुटने से भरे दलदल से गुजरते दिखाई दिए गौशाला में उपस्थित कर्मचारियों से पूछने पर पता चला कि गौवंशों को पानी पीने के लिए इस दलदल से होकर गुजरना पड़ता है अन्य कोई और व्यवस्था नहीं है छोटे गौवंशों के लिए नांद में पानी भरा गया था जो की पर्याप्त नहीं था। यह तो गलीमत थी कि 2 दिन से बरसात नहीं हुई थी फिर भी ऐसा दलदल है तो सोचिए कि जब बारिश होती होगी उस दिन इन गौवंशों की क्या हालत होती होगी। यह देखते ही तुरंत जिला प्रवक्ता उमेश तिवारी ने महुआ ब्लॉक के खंड विकास अधिकारी राजेश तिवारी को अवगत कराया कि जल्द से जल्द इन गौवंशों के लिए उचित व्यवस्था की जाए। अब देखना यह है कि खंड विकास अधिकारी कितने दिन में व्यवस्था कर पाते हैं। विश्व हिंदू महासंघ गौरक्षा समिति के पदाधिकारी पौहार, चंदौर और बसराही में भी गौशालाओं की स्थिति जानने के लिए पहुंचे तो पाया गया कि वहां पानी और भूसा की व्यवस्था ठीक थी किंतु साफ सफाई में एवं कुछ अन्य कमियां पाई गई जिन्हें सुधार के लिए जिम्मेदारों को हिदायत दी गई ग्राम नदवारा में रोड के किनारे एक मृत गोवंश जाते समय मिला तो नंदवारा ग्राम प्रधान से पूछा गया तो उनके द्वारा तो पहले झूठ बोला गया कहा गया कि गवंश को गड्ढे में समाधीष्ट कर दिया गया है लेकिन जब जिला प्रवक्ता उमेश तिवारी ने बताया कि मैं मौके पर ही खड़ा हूं और मेरे सामने ही गौवंश को कुत्ते नोच रहे हैं तब प्रधान अपनी बात से पलट गया कहा कि मेरे पास एक भी जगह नहीं है। तुरंत सोनू करवरिया ने ग्राम सचिव को एवं खंड विकास अधिकारी नरैनी व एसडीएम अतर्रा को अवगत कराया लगभग 3 घंटे बाद जब इस मार्ग से पदाधिकारी वापस लौटे तो वही गौवंश उसी जगह पर ज्यों का त्यों पड़ा मिला ग्राम प्रधान सचिव एवं जिम्मेदार अधिकारियों की इस प्रकार की नजरअंदाजी से साफ पता लगता है कि किस प्रकार गौ प्रेमी मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश के निर्देशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।