कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा
माननीय उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जिला जज / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बांदा डा० बब्बू सारंग जी के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के तत्वावधान में आज दिनांक 26.03.2025 को वृद्धाश्रम बांदा में वरिष्ठ नागरिकों के सम्मान एवं माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण अधिनियम-2007 के सम्बंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक जागरुकता शिविर की अध्यक्षता श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण-बांदा द्वारा की गयी।
सर्वप्रथम श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण- बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में माता-पिता व वरिष्ठ नागरिक अधिनियम-2007 के सम्बंध में बताया कि ऐसे माता-पिता, दादा-दादी, वरिष्ठ नागरिक जो अपनी आय और सम्पत्ति से अपना भरण-पोषण नही कर सकते, वे इस अधिनियम के अनुसार भरण-पोषण का दावा कर सकते हैं। माता पिता की परिभाषा में जैविक, गोद व सौतेले माता-पिता भी आते हैं। नागरिक से तात्पर्य वे नागरिक जो भारत के नागरिक हैं एवं 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के हैं। देश में कई सरकारी/ गैर सरकारी संगठनों के माध्यम से भरण-पोषण, निवास, वस्त्र, चिकित्सा आदि की सुविधाएं भी वृद्धजन को उपलब्ध करायी जाती हैं। माता-पिता की भूमि/मकान से कब्जा छुड़ाये जाने हेतु सम्बन्धित ब्लाक कार्यालय, उप-जिलाधिकारी अथवा जिला मजिस्ट्रेट के यहां प्रार्थना पत्र दिया जा सकता हैं।
श्रीमती सुमन शुक्ला, पराविधिक स्वयं सेवक-बांदा द्वारा भी जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय से वरिष्ठ नागरिकों को प्राप्त होने वाली निःशुल्क विधिक सेवाओं के सम्बंध में वृद्धाश्रम संवासियों को जानकारी प्रदान की गयी।
श्री श्याम किशोर त्रिवेदी, प्रबन्धक वृद्धाश्रम, बांदा द्वारा शिविर के अन्त में सभी आगन्तुकों का आभार व्यक्त किया गया। इस शिविर में श्री राशिद अहमद डी०ई०ओ०-जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा, श्री देवेन्द्र सिंह-पराविधिक स्वयं सेवक के साथ समस्त संवासी उपस्थित रहें।
