किसानों से की गई अपील
फसल अवशेष प्रबन्धन यथा-पराली/पुआल/पैरा/कूड़ा करकट इत्यादि फसल अपशिष्ट जलाये जाने से उत्पन्न हो रहे धूऐ द्वारा वातावरण में पहले से विद्यमान विभिन्न गैसों के साथ कोलाइड बनाने से वायु अत्यन्त ही प्रदूषित व जहरीली हो जाती है एवं मृदा में उपलब्ध लाभकारी जीवाणुओं की संख्या में कमी आती है एवं पराली जलने से गैसों यथा कार्बन डाईआक्साइड एवं कार्बनमोनो आक्साइड की मात्रा वातारण में बढ़ जाने से मानव स्वास्थ्य में प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. जिससे श्वांस से सम्बन्धित बीमारियाॅ बढ़ती हैं। शासन द्वारा पराली जलने की घटनाओं को रोकने हेतु सख्त कदम उठाये जा रहे है विकास भवन बाॅदा प्रांगण से मुख्य विकास अधिकारी महोदय बाॅदा द्वारा जनपद में पराली जागरूकता प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। साथ ही उन्होंने जनपद के किसान भाइयों से अपेक्षा किया कि वह पराली कदापि न जलाएं, बल्कि उसे इन-सीटू कृषि यंत्रों का उपयोग कर कंपोस्ट बनाकर अपने खेतों में उपयोग कर अपनी फसलों की उत्पादकता बढ़ाएं। इससे पर्यावरण तथा मानव स्वास्थ्य पर पढ़ने वाले प्रभाव पर रोक लगेगी। इस अवसर पर उप कृषि निदेशक डाॅ अभय कुमार सिंह यादव, विषय वस्तु विशेषज्ञ श्री रासिद खान एवं शारदा प्रसाद, कानिष्ठ सहायक श्री इफ्तिखार खान सहित कृषि विभाग के अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
उक्त के कम में किसान बन्धुओं से अपील है कि फसल अवशेष को जलाये नहीं, बल्कि उसका प्रयोग पशुओं के बिछावन् चारा एवं खाद के रूप में करें।
उप कृषि निदेशक
बाॅदा
कार्यालय उप कृषि निदेशक-बाँदा
पत्रांक /प्रेस विज्ञाप्ति/पराली/2025-26/ दिनांक नवम्बर, 2025
प्रतिलिपिः-निम्न को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यवाही हेतु।
1. जिला सूचना अधिकारी बाँदा को इस आशय से कि कृपया सभी दैनिक समाचार पत्रों में निःशुल्क प्रकाशित कराने का कष्ट करें।
2. मुख्य विकास अधिकारी महोदय बाँदा।
3. संयुक्त कृषि निदेशक (अभियन्त्रण) महोदय, उ०प्र० कृषि भवन लखनऊ।
4. अपर जिलाधिकारी (वि0/राज0), बाॅदा
5. जिलाधिकारी महोदय बाॅदा की सेवा में सादर अवलोकनार्थ।
