मुख्य चिकित्सा अधिकारी बांदा ने बताया है कि जनपद में दिनांक 10.11.2022 को कुल 07 केस डेगू धनात्मक रिपोर्ट किये गये है अप्रैल 2022 से आज दिनांक 10.11.2022 तक कल 55 डेंगू धनात्मक केस रिपोर्ट किये गये है। डेगू धनात्मक केसों के सापेक्ष स्वास्थ्य विभाग द्वारा निरोधात्मक कार्यवाही की जा रही है। निरोधात्मक कार्यवाही के अन्तर्गत हाउस इण्डेक्स सर्वे, जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिडकाव एवं नगर पालिका के सहयोग से फॉगिंग का कार्य एवं डेगू से संकमित हाने सेबचाने के लिये जनमानस को पम्पलेट्स के माध्यम से स्वास्थ्य शिक्षा दी जाती है।
डेगू व मलेरिया समेत अन्य संचारी रोगों के नियंत्रण के लिये स्वास्थ्य विभाग की 12 सदस्यीय टीम- महेश गुप्ता, गोपाल यादव, राज कुमार, बल्दू सन्तोष, राम देव कुशवंशी, बब्बू, प्रभात, परीक्षित द्विवेदी,प्रमोद अवस्थी, सुनील सोनकर, विकास, रमेश कुमार, अवधेश, भानू प्रताप, अजय पटेल, राहुल रावत, सुरेश, बंगाली पुरा, खिन्नी नाका, कैलाश पुरी, छोटी बाजार, रहुनिया, कालू कुऑ, इन्द्र नगर, डी०एम० कालोनी में निरोधात्मक कार्यवाही की गयी एवं सलाह दी कि कूलर एवं अन्य अनावश्यक स्थानो, पात्रों में पानी एकत्रित न होने दें।
उन्होंने बताया है कि आज टीम द्वारा निरीक्षण किये गये स्थलों एवं घरों की संख्या-681, निरीक्षण किये गये पात्रों की संख्या-2841, धनात्मक पाये गये घरों की संख्या-34, पाये गये धनात्मक पात्रों की संख्या- 36 खाली करायें गयें पात्रों की संख्या- 36, मलेरिया जॉच हेतु कुल-171 रक्तपट्किाएँ बनायी गयी एव मच्छर जनित स्थिति हेतु दी गयी नोटिस की संख्या-6, स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जल भराव वाले स्थानों पर लार्वा निरोधक दवा का छिडकाव किया। टीम द्वारा जनसमुदाय को डेंगू, मलेरिया एवं अन्य वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम, नियंत्रण एवं बचाव के वारे में पम्पलेट्स वितरण कर जानकारी दी गयी। उन्होंने बताया कि बुखार होने पर क्या करें:1.सामान्य बुखार होने पर नजदीक के राजकीय चिकित्सालय / प्रा०स्वा०केन्द्र / सामु०स्वा०केन्द पर रक्त की जांच एवं उपचार अवश्य
करायें। कोई भी बुखार डेगू, मलेरिया हो सकता है। 2.घर के कूलर बाल्टी घड़े तथा ड्रम का पानी साप्ताहिक अन्तराल पर बदलते रहें। 3.घर के आस पास एवं गड्ढों में पानी एकत्रित न होने दे। पानी एकत्रित होने वाले स्थानों को मिट्टी से भर दे ,यदि सम्भव न हो
तो कुछ बूंद जले हूए मोबिल आयल को अवश्य डाल दे। 4.सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग करें। शरीर पर मच्छर निरोधक क्रीम / नीम तथा सरसों के तेल का लेप खुले भागों पर लगायें। नीम की पत्ती का धुआं करें। क्या न करें:1.घर के आस पास छत पर तथा आंगन में पड़े पुराने बर्तनों, टायर, कूलर फूलदान, गमले में पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आस
पास कूड़ा एकत्रित न होने दें एवं सफाई पर ध्यान दें। 3.घर में यदि बुखार का रोगी है तो उसे बिना मच्छरदानी के न रहने दें अथवा ऐसे कमरे में रोगी की देखभाल करें जिसके खिड़की
तथा दरवाजे पर जालियां लगी हों। 4.बुखार का रोगी बिना रक्त की जांच कराये दवा का इस्तेमाल न करें तथा खाली पेट दवा न खाये।
