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पर जिलाधिकारी वि0/रा0 श्री उमाकान्त त्रिपाठी ने पुलिस महानिदेशक फायर सर्विस उ0प्र0 लखनऊ के पत्र के क्रम में अवगत कराया है कि आवासीय भवनों में अग्नि दुर्घटनाओं में ज्यादातर अग्निकाण्ड विद्युत सार्ट सर्किट के कारण होते हैं। यह घटनायें बहुत ही दर्दनाक होती हैं। उक् दुर्घटनाओं को रोकने के लिए जनसामान्य को जागरूक किया है कि विद्युत सार्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने हेतु मुख्य रूप से जीर्ण-शीर्ण वायरिंग, ओवरलोड तथा मानक के विपरीत विद्युत वायर का प्रयोग न किया जाए। उन्होंने जनपद में विभिन्न प्रचार माध्यमों जैसे सिनेमाघर, स्थानीय टी0वी0चैनल, समाचार पत्र, सोशल मीडिया एवं अन्य स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से जनसामान्य को आवासीय भवनों में समय-समय पर विद्युत वायरिंग एवं लोड का परीक्षण कराये जाने के सम्बन्ध में जागरूक किया जाए तथा पुरानी एवं जर्जर एल्यूमुनियम तारों की वायरिंग को कापर के तारों से चेंज किया जाए, ताकि विद्युत लोड अधिक होने के कारण सार्ट सर्किट की घटनाओं को रोका जा सके। स्थानीय स्कूल, काॅलेजों में भी विद्युत सार्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव हेतु छात्र/ छात्राओं के माध्यम से जागरूक किया जाए। विद्युत विभाग द्वारा मीटर रीडिंग लेते समय आवासीय भवनों के निवासियों को विद्युत लोड एवं सुरक्षा के सम्बन्ध में जानकारी दी जाए। जनपद में अग्नि सचेतक योजना के अन्तर्गत बनाये गये फायर वालेन्टियर के माध्यम से भी लोंगो को जागरूक किया जाए। इसके अलावा फायर सर्विस के साथ-साथ स्थानीय पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारी/कर्मचारी भी सार्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटनाओं से बचाव हेतु स्थानीय स्तर पर कार्यक्रम आयाजित कराये, ताकि सार्ट सर्किट से होने वाली दुर्घटना के कारण जनहानि होने से बचाया जा सके।