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दिलीप जैन
श्री सम्मेद शिखरजी सिद्ध क्षेत्र को पर्यटन स्थल घोषित करने के केंद्र सरकार के शासनादेश को वापस लेने हेतु जैन समाज ने ज्ञापन दिया*
जैन समाज ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन दिया
बता दें कि आज बांदा जैन समाज ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री भारत सरकार के नाम ज्ञापन दिया जैन समाज ने कहा कि केंद्र सरकार ने श्री सम्मेद शिखरजी जो जैन समाज का सबसे बडा तीर्थ क्षेत्र है और झारखंड राज्य में स्थित है, हमारे इस परम् पवित्र तीर्थ को केंद्र सरकार ने पर्यटन स्थल घोषित कर दिया है जैन समाज ने इसका पुनर जोर विरोध किया और कहां कि इससे हमारी धार्मिक आध्यात्मिक भावनाएं आहत हुई हैं श्री सम्मेद शिखरजी जैन समाज का सबसे बड़ा तीर्थ क्षेत्र है जहां पर हमारी आस्था श्रद्धा जुड़ी हुई है जहां पर हम पैदल नंगे पैर चलकर अपने तीर्थ की पवित्रता,शुचिता बनाये रखते है ओर परिक्रमा कर पूजन अर्चना करते हैं यह एक ऐसा तीर्थ है जहां से जैन धर्म के 24 तीर्थंकरों में से 20 तीर्थंकरों ने निर्वाण प्राप्त किया है और मोक्ष गए हैं ऐसे में अगर इस तीर्थ को पर्यटन स्थल घोषित कर दिया जाएगा तो यहां की पवित्रता सुचिता खत्म हो जाएगी और यहां पर नाना प्रकार के कृत्य होने लगेंगे जिससे जिसे जैन समाज कभी बर्दाश्त नहीं कर सकता । अतः जैन समाज ने केंद्र सरकार के इस निर्णय का विरोध करते हुए सरकार से मांग की है कि इस शासनादेश को निरस्त किया जाए और इसको तीर्थ ही रहने दिया जाए इस अवसर पर योगेश जैन सुरेंद्र जैन,अमित जैन, शैलेंद्र जैन, संजू जैन प्रदीप जैन राहुल जैन प्रकाश जैन विपिन जैन जैन जैन श्रीमती अवंतिका जैन श्रीमती मीनू जैन श्रीमती अंजू जैन श्रीमती मंजरी जैन श्रीमती समीक्षा जैन श्रीमती किरण जैन और शालिनी जैन आदि रहे
बाईट- जैन धर्मावलंबी
