मवेशियों मे होने वाली बीमारी और रोकथाम।आलेख प्रभाकर चौबे ।
लम्पी और मुंहपका खुरपका रोग के चलते मवेशियो को खतरा पैदा हो गया है। लम्पी एक संक्रामक बिमारी है। जिसका ईलाज अभी तक किसी को पता नही और वैक्शीन भी अभी इसका नही निकला है।इसमे लाल लाल चकत्ते निकल आते हैं जो फुट जाते हैं और घाव हो जाता है। यह एक मवेशियो मे संक्रामक बिमारी है।यह मनुष्यो मे होने वाले चेचक के समान है।जिससे बचने के लिए तात्कालिक रूप से गाॅट पाॅक्स वायरस वैक्शीन दिया जा रहा है।जो बकरियों के लिए है लेकिन वैक्शीन के अभाव मे सुरक्षा हेतु दिया जा रहा है।
मेरा व्यक्तिगत विचार है कि लम्पी रोग ग्रसित मवेशियों को नारियल तेल कपूर लगाया जाना चाहिए ।नीम के पत्ते जल मे ऊबालकर उससे धोना चाहिए ।एवं चेचक मे जैसे ढेला ओईंछ के रूपया के साथ रख दिया जाता है और ठीक होने पर माता की पूजाई की जाती है वैसा किया जाना
चाहिए ।आस्था चिकित्सा के महत्व को समझा जाना चाहिए ।इसमे भी विज्ञान छुपा है।उसके आसपास कपूर नीम और धूप जलाया जाना चाहिए ।नीम की हरी पत्ती रखी जानी चाहिए ।अध्यात्मिक वातावरण बनाकर रखा जाना चाहिए ।
एफ. एम .डी.( मुंहपका और खुरपका ) के लिए रक्षा एफ. एम. डी .वैक्शीन दिया जाता है।