राजनेताओं द्वारा रामचरितमानस मानस के अपमान व गलत टिप्पणी को लेकर युवाओं ने सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन
त्वरित कार्यवाही की मांग की
बांदा आज दिनांक 6 फरवरी को जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर समाजसेवी सुमित शुक्ला अपने समर्थकों के साथ मुख्यमंत्री संबोधित ज्ञापन सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा और मांग किया कि रामचरित्र मानस का अपमान करने वाले स्वामी प्रसाद मौर्य सहित उन सभी राजनेताओं पर त्वरित कार्यवाही की जाए जिन्होंने राम चरित्र मानस का अपमान किया है। सुमित शुक्ला ने कहा कि सनातन धर्म में ही प्रश्न इसलिए उठते हैं क्योंकि सनातन धर्म विश्व के कल्याण की बात करता है यही सपा 2022 के चुनाव के पहले भगवान परशुराम की पूजा करते नहीं थकती थी। अब 2024 का चुनाव देखकर सनातन धर्म और सामान्य वर्ग का अपमान करना कहां तक सही है अगर अखिलेश यादव और स्वामी प्रसाद मौर्य से पूछा जाए कि जब आप की सरकार थी तो कितना शोषित व पीड़ित समाज का उद्धार किया है अगर बीजेपी आपको सुद्र मानती है तो आप की पुत्री बीजेपी में क्या कर रही है बीजेपी से आपकी लड़ाई है तो सनातन धर्म को बीच में क्यों घसीट रहे हो। सुमित शुक्ला ने बताया कि मैंने रामचरितमानस का अपमान करने वाले राजनेताओं पर कार्यवाही सहित संवैधानिक जात हटाने की भी मांग की है जिससे राजनेताओं द्वारा जनता को लड़ाने का मौका ना मिले और आरक्षण भी आर्थिक आधार पर मिलना चाहिए क्योंकि गरीबी जाति देख कर नहीं आती और अमीर आदमी को जाति देखकर आरक्षण देना गरीब को और गरीब करने जैसा है सरकार को चाहिए कि संशोधन कर सनातन धर्मवालंबियो को सिर्फ सनातनी रहने दें उन्हें यस सी एस टी ओबीसी या सामान्य वर्ग में ना बाटे और आरक्षण को आर्थिक आधार पर किया जाए योग्यता को जगह मिलनी चाहिए क्योंकि आयोग व्यक्ति आरक्षण के बल पर प्रतिष्ठित पदों पर पहुंचते हैं तो उनमें से कुछ बिल्कुल स्वामी प्रसाद मौर्य जैसी हरकत करने लगते हैं ज्ञापन देने के दौरान समाजसेवी सुमित शुक्ला अखिल भारतीय ब्राह्मण कल्याण परिषद अध्यक्ष, शेखर तिवारी राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी, आत्माराम द्विवेदी, शिव प्रसाद विश्वकर्मा, दीनदयाल द्विवेदी, सुभाष मिश्रा, आदि लोग उपस्थित रहे