प्रधानमंत्री आवासों के लिए जनता से मांगी जा रही रिश्वत
पात्रों का नाम आने के बावजूद भी काटा गया नाम व अपात्रों और चहेतों को दिए गए आवास
प्रधानमंत्री आवासों के लिए जनता से मांगी जा रही रिश्वत
में ढले कर्मचारी हैं कि मानने के लिए तैयार ही नहीं हैं और भ्रष्टाचार में आकंठ तक डूब गए हैं अब देखना यह है कि क्या कार्रवाई होती है क्या गरीबों को पात्रों को आवास मिल पाते हैं या फिर ₹20000 रुपए देने वाले लोगों की ही सुनी जाएगी और आवास उन्हें ही उपलब्ध कराया जाएगा शासन की मंशा को चुना लगाने वाले कर्मचारी आखिर कब तक ऐसी हरकत करते रहेंगे यह तो आने वाला वक्त बताएगा परंतु हम हैं हर खबर पर निगाह बनाए रहेंगे खबर विश्वस्त सूत्रों द्वारा