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कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा

 

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माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण-नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में एवं माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा डा० बब्बू सारंग जी के निर्देशन में आज दिनांक 24-10-2024 को “मिशन शक्ति विशेष अभियान” कार्यक्रम के अन्र्तगत महिलाओं को गिरफ्तारी के पूर्व व गिरफ्तारी के उपरान्त प्राप्त अधिकारों, घरेलू हिंसा से बचाव तथा कार्यस्थल पर यौन शोषण से सुरक्षा के सम्बंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन तहसील पैलानी के सभागार में दोपहर 01:00 बजे से किया गया। शिविर की अध्यक्षता श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा की गयी।

श्री श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में कहा कि आपराधिक प्रक्रिया संहिता 1973 की धारा 46 (4) के अनुसार जो महिलाओं की गिरफ्तारी को नियंत्रित करती हैं, में विशेष रुप से यह उल्लेख किया गया हैं कि असाधारण परिस्थितियों को छोड़कर, सूर्यास्त के बाद एवं सूर्योदय से पहले किसी भी महिला को गिरफ्तारी नही किया जा सकता। असाधारण परिस्थितियों यों में महिला पुलिस अधिकारी की एक लिखित रिपोर्ट बनाकर गिरफ्तारी के पूर्व प्रथम श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट से गिरफ्तारी हेतु अनुमति प्राप्त करेगा।

इसके अतिरिक्त सचिव महोदय द्वारा घरेलू हिंसा के सम्बंध में बताया गया कि घरेलू दायरे में होने वाली हिंसा को घरेलू हिंसा कहा जाता हैं। किसी महिला का शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक, मौखिक, मनोवैज्ञानिक रुप से हिंसा या यौन शोषण किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा किया जाना जिसके साथ महिला के पारविारिक सम्बंध हैं, घरेलू हिंसा में आता हैं। घरेलू हिंसा के विरुद्ध महिला संरक्षण अधिनियम-2005 के अन्तर्गत घरेलू हिंसा किया जा चुका हो या किया जाने वाला हो या किया जा रहा हो, की सूचना कोई भी व्यक्ति पुलिस अधिकारी / संरक्षण अधिकारी को अथवा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय में दे सकता हैं। संरक्षण अधिकारी मजिस्ट्रेट के समक्ष कार्यवाही शुरु करने और एक सुरक्षित आश्रय व चिकित्सा सहायता उपलब्ध

कराने में मदद कर सकते हैं।

श्री शशि भूषण, उप जिला अधिकारी-पैलानी द्वारा महिलाओं को प्राप्त मुफ्त कानूनी सहायता, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाव, देश की प्रत्येक महिला को सुरक्षा की भावना प्रदान करना, पुरुषो के समान पारिश्रमिक का लाभ आदि के सम्बंध में विस्तार से व्याख्यान किया गया। महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी, पीछा करना, यौन शोषण, लिंग के आधार पर परेशान करना, यौन उत्पीड़न और इनमें सबसे भयावह अपराध बलात्कार जैसे अत्याचारों का शिकार होना पड़ता है। ऐसे उत्पीड़न का शिकार असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाएं, ध् रेलू काम करने वाली महिलाएं, निजी या सरकारी संगठनों में कार्य करने वाली महिलाएं होती है। उपजिलाधिकारी महोदय ने बताया कि महिलाओं को ऐसी किसी प्रकार की समस्या होने पर वे अपना प्रार्थना पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा स्वयं आकर अथवा डाक के माध्यम से भी दे सकती है जिस पर उन्हे मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जायेगी।

श्री विकास पाण्डेय, तहसीलदार पैलानी द्वारा अपने सम्बोधन में महिलाओं व बालिकाओं को आत्मसुरक्षा प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं के विषय में बताया गया। उन्होने बैंक सखी, उज्जवला योजना, मातृत्व एवं शिशु हित लाभ, शादी अनुदान आदि योजनाओं से भी अवगत कराया तथा शिविर के अन्त में उपस्थित आये सभी आगन्तुकों व श्रोतागणों का आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर श्री वेद प्रकाश-नायब तहसीलदार पैलानी, अधिवक्ताण श्री चन्द्रभान सिंह, श्री शिवबाबू तिवारी, श्री झण्डूप्रसाद विश्वकर्मा, श्री सर्वेश द्विवेदी तथा श्री राशिद अहमद-डी.ई.ओ. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा व श्रोतागण उपस्थित रहे

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