जिलाधिकारी, बाँदा महोदया के निर्देशानुसार जनपद के समस्त कार्यदायी संस्थाओ के वरिष्ठ अधिकारियो एवं लाईसेंस, पंजीकरण मान्यता, मानचित्र स्वीकृत करने वाले पदाधिकारियो के साथ कलेक्ट्रेट (वामदेव सभागार) में आग से बचाव के म्बन्ध मे तथा एन.ओ.सी. सम्बन्धी अग्नि सुरक्षा मानको के सम्बन्ध मे अपर जिलाधिकारी, (वि०/
जिलाधिकारी, बाँदा महोदया के निर्देशानुसार जनपद के समस्त कार्यदायी संस्थाओ के वरिष्ठ अधिकारियो एवं लाईसेंस, पंजीकरण मान्यता, मानचित्र स्वीकृत करने वाले पदाधिकारियो के साथ कलेक्ट्रेट (वामदेव सभागार) में आग से बचाव के म्बन्ध मे तथा एन.ओ.सी. सम्बन्धी अग्नि सुरक्षा मानको के सम्बन्ध मे अपर जिलाधिकारी, (वि०/रा०) राजेश कुमार, अपर पुलिस अधीक्षक, बाँदा श्री शिवराज तथा अपर सांख्यिकी अधिकारी प्रदीप कुमार की मौजूदगी मे विस्तृत अग्नि सुरक्षा मानको के सम्बंध मे मुख्य अग्निशमन अधिकारी मुकेश कुमार द्वारा जानकारी दी गई तथा पी.पी.टी. प्रजेन्टेशन के माध्यम से आग व उसके प्रकार व नियन्त्रण के तरीके भवनो की संरचना भवन मे एन.बी.सी. तथा अन्य मानको के अनुसार वाँछित फायर फाईटिंग सिस्टम, व भवन संरचना मानक अलग-अलग होने के सम्बंध जानकारी दी तथा अवगत कराया की भवनो का निर्माण आगणन के दौरान कार्यदायी संस्थाओ द्वारा वर्तमान तक अपने स्तर से लिये जा रहे निर्णयो मे प्रस्ताव के दौरान सिविल वर्क स्ट्रक्चर, आर्किटेक्ट, कन्सल्टेन्ट एवं फायर अरेन्जमेन्ट कल्सन्टेट एजेन्सियों से इस प्रकार का प्रमाण पत्र लेते हुए, की उनकी द्वारा प्रस्तावित भवनो मे, प्रस्तावित भवन संरचना एवं प्रस्तावित फायर फाईटिंग अरेन्जमेन्ट मानको के अनुरुप ही प्रस्तावित किये गये है के उपरान्त ऐसे भवनो के निर्माण से पूर्व अग्निशमन विभाग से एन०ओ०सी० प्राप्त करने की दशा में ऐसे भवनो मे अन्तिम अनापत्ति निर्गमन करने मे भवनो मे सरचनात्मक/एफ0एफ सिस्टम मानको के पूर्ति उपरान्त फाइनल एन०ओ०सी० निर्गमन करने में कठिनाई उत्पन्न न हो। मानको का कडाई से अनुपालन हेतु अवगत कराया तथा लाइसेंस निर्गत अधिकारियो जैसे CMO, BSA, BIOS से अनुरोध किया कि किसी भी प्रकार का लाइसेंस, मान्यता से पूर्व ऐसे भवन सत्ता प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत मानचित्र होने पर ही लाइसेंस निर्गत करने की कृपा करे जिससे ऐसे भवनो का अग्नि सुरक्षा की दृष्ठि से सरंचना घनी आबादी, संकरे मार्ग पर न होते हुये अधिकृत क्षेत्र में ही सचांलन किया जा सके तथा संभावित अग्नि दुर्घटनाओ को न्यूनतम किया जाने में सहायक सिध्द हो।