दिनांक 27 मार्च 2025
जिला कृषि रक्षा अधिकारी बांदा श्री मनोज कुमार गौतम ने बताया है कि
लेप्टोस्पाइरोसिस तथा स्क्रब टायफस बीमारी चूहों एंव छछूदरों से कैसे फैलता है। (संचारी रोग नियंत्रण / दस्तक अभियान दिनाँक 01 से 30 अप्रैल 2025 तक चलाये जाने के सम्बन्ध में)
किसानों भाईयों को सूचित किया जाता है कि लेप्टोस्पाइरोसिस तथा स्क्रब टायफस बीमारी चूहों एवं छछूदरों के द्वारा फैलता है। लेप्टोस्पाइरोसिस तथा स्क्रब टायफस एक “ओरिएंटिया सुत्सुगामुशी” नाम बैक्टीरिया के कारण होने वाला एक्यूट रोग है। जुए के आकार का दिखने वाला ये कीट आमतौर पर झाड़ी या नमी वाले स्थान पर पाये जाते है। ऐसे स्थानों पर चूहे भी रहते है और ये कीट चूहे के शरीर पर भी होते है कीट के काटने या मलमूत्र से चूहें में भी ये बैक्टीरिया होता है। ऐसे सूक्ष्म कीट (माइट) के काटने से मनुष्य के शरीर में ये बैक्टीरिया आसानी से फैल जाता है लेप्टोस्पाइरोसिस तथा स्क्रब टायफस बीमारी आमतौर से उन लोगों को होता है जो झाड़ियों वाले क्षेत्रों के आस-पास रहते हैं।
जब कोई कीट या अन्य सूक्ष्म जीव किसी संक्रमित चूहें को काट लेता है तो वो भी इस बैक्टीरिया के वाहक बन जाते है जब कोई स्वस्थ व्यक्ति बैक्टीरिया से संक्रमित कीट के सम्पर्क में आता है तो स्वस्थ व्यक्त्ति भी लेप्टोस्पाइरोसिस तथा स्क्रब टायफस से संक्रमित हो जाता है। लेप्टोस्पाइरोसिस तथा स्क्रब टायफस से संक्रमित कोई कीट जब काटता है तो उसके काटने से 6 से 21 दिन के बाद अचानक से निम्नलिखित लक्षण विकसित हो जाते हैं। जैसे बुखार, ठंड लगना, सिर दर्द आदि।
1.स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में जहाँ ये सूक्ष्म कीट काटता है उस क्षेत्र में खुजलाने से ये बैक्टीरिया छोटे-छोटे छिद्रों के माध्यम से आपके खून तक पहुँच जाते है।
2.कीटों द्वारा त्वचा पर काटने के अलावा ये बैक्टीरिया कीटमल के सम्पर्क में आने से भी मनुष्य के शरीर में फैल जाता है।
