रबी फसलों में कीट-रोग का खतरा मडराया, बचाव हेतु एडवाइजरी जारी :-
चित्रकूटधाम मण्डल बॉदा के समस्त कृषक बन्धुओं को सूचित किया जाता है कि लगातार गिरते तापमान और बढती आर्द्रता से रबी फसलों में कीट / रोग लगने की सम्भावना बढ जाती है। सरसों और राई की फसलों में बालदार सूडी का प्रकोप हो रहा है जिसके लिए मैलाथियान 50 प्रति० ई०सी० 1.5 ली० या क्यूनालफॉस 25 प्रति० ई०सी० 1.25 ली० को 500-600 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिडकाव करें। पत्ती में लीफ माइनर के जैविक नियंत्रण हेतु नीम आधारित एजाडिरेक्टीन 0.15 प्रति० ई०सी० 2.5 ली० प्रति हेक्टेयर का प्रयोग करे, या क्लोरपाइरीफॉस 20 प्रतिशत ई०सी० 2.5 ली० प्रति हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी में एवं पत्ती धब्बा एवं सफेद गेरूई के नियंत्रण हेतु मैंकाजेब 75 प्रति० ड०पी० 2 किग्रा० प्रति हेक्टेयर का छिडकाव करें। चना, मटर, मसूर एवं अरहर में सेमीलूपर एवं फलीछेदक कीट से बचाव हेतु खेतो में 50-60 पक्षी बसेरा प्रति हेक्टेयर लगायें जिससे चिडियों उनमें बैठे और आपके खेतो की सूडियों को खा सके। अत्यधिक प्रकोप की स्थिति में मैलाथियान 50 प्रति० ई०सी० 1 ली० प्रति हेक्टेयर, या इमिडाक्लोरप्रिड 17.8 प्रति० एस०एल० 500 मिली० प्रति० हेक्टेयर या लैम्बडासाइहेलोथिन 5 प्रति० ई०सी० 500 मिली० प्रति० हेक्टेयर या प्रोफेनोफॉस 50 प्रति० ई०सी० 1 ली० प्रति० हेक्टेयर या इमामैक्टिन बैन्जोएट 5 प्रति० एस०जी० 250 ग्राम प्रति हेक्टेयर 500-600 लीटर पानी में घोलकर छिडकाव करें। इस समय पाला भी गिरने की सम्भावना है, इससे फसल को बचाने के लिए किसान भाई खेतों की मेडो पर धुआँ करें या हल्की सिचाई कर अपनी फसल को बचा सकते है। समस्त कृषक बन्धुओं अपनी फसल को कीट / रोग की समस्या के निदान हेतु सहभागी फसल निगरानी एवं निदान प्रणाली के मोबाइल नं0 9452247111 एवं 9452257111 पर समस्या लिखते हुए या कीट/रोग से सम्बन्धित पौधे की फोटो के साथ अपना नाम, ग्राम का नाम, विकासखण्ड एवं जनपद का नाम लिखते हुए SMS/Whatsapp भेजें। कृषक बन्धुओं को सम्बन्धित समस्या के निदान की सूचना 48 घण्टे के अन्दर मोबाइल पर भेजी जायेगी। अधिक जानकारी के लिए अपने जनपद के जिला कृषि रक्षा अधिकारी से सम्पर्क करे।

डा० अभय कुमार सिंह यादव) उप कृषि निदेशक (कृषि रक्षा) चित्रकूट धाम मण्डल बॉदा