*ब्यूरो चीफ / एन के मिश्रा*
एंकर *मरौली केन नदी तट पर स्थित बजरंगबली प्रांगण में श्रीमद् भागवत कथा सप्ताह, शंकर सिंह,श्रीमती अंजली सिंह परीक्षित के रूप मे प्रमुख श्रोता रहे*
*स्लग / मरौली / बांदा आज दिनांक 15 नवंबर 2022 को जनपद बांदा के मटौंध थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत मरौली केन नदी तट पर स्थित बजरंगबली स्थान आश्रम में पूर्व वर्षों की भांति इस वर्ष भी, पूर्व अध्यापक उदयवीर सिंह जी के संरक्षण में कथा वाचक आचार्य पंडित राघवेंद्र तिवारी निवासी मरौली,सहायक आचार्य मूल पाठ वक्ता में प्रदीप कुमार द्विवेदी हरपालपुर।
आज की दिवस में कथा का संपादन एवं वक्तव्य रुक्मणी कृष्ण विवाह,गोपी उद्धव संवाद के साथ समापन पूर्व सुदामा चरित्र के मार्मिक कथा के संवाद को सुनकर श्रोता भाव विभोर होकर अश्रुपूरित भाव का पूर्ण आनंद लाभ लेकर अपने आप को कृतार्थ किए। सुदामा चरित्र में अभिनय कलाकारों मे कृष्णा निषाद को कृष्ण, अरुण को रुक्मणि, केशव को सुदामा चरित्र की अभिनय के द्वारा पूर्ण भाव भंगिमा, संगीत के साथ अपने अनुभव से कलाकारों के द्वारा मंत्रमुग्ध किया गया।
आयोजन की पृष्ठभूमि में वीरेंद्र सिंह, इंद्रजीत सिंह,जय सिंह की विशेष भूमिका के साथ विशेष सहयोग एवं योगदान दिया गया। श्रोता बंधु में प्रमुख श्रोता परीक्षित रूप शंकर सिंह गौतम व उनकी पत्नी श्रीमती अंजली सिंह संपूर्ण दिवसो में लगन के साथ उपस्थित रहे।
दिनांक 16 नवंबर से तीन दिवसीय 18 नवंबर तक संत सम्मेलन के साथ दिनांक 19 नवंबर को भंडारे के आयोजन की रूपरेखा रखी गई।
संत सम्मेलन में प्रवक्ता के रूप में प्रमुख रूप से स्वामी जगदीश आनंद जी महाराज महोबा,स्वामी बजरंगा नंद जी महाराज पट्ठा घाट मध्य प्रदेश,स्वामी सज्जन दास जी ब्रह्मचारी महाराज चित्रकूट,स्वामी विद्यानंद जी महाराज बंक आश्रम,स्वामी लक्ष्मण आनंद जी महाराज कोठरी हरिद्वार के द्वारा सभी दिवसो में संत समागम एवं अपने आध्यात्मिक चिंतन एवं अनुभवों से धर्म आचरण के प्रति समर्पण एवं वैदिक संस्कृति / साहित्य के धरोहर के रूप में स्वीकार करने से संबद्ध व्याख्यान से जनता जनार्दन निश्चित रूप से लाभान्वित होगी।
स्थानीय पास के ग्राम दरदा,पचुल्ला,मरौली चटगन,उजरेहटा के ग्रामीण प्रतिदिन कथा श्रवण करने हेतु उपस्थित होते रहे हैं कथा को रुचिकर एवं संगीत बद्ध करने में ऑर्गन में पप्पू सविता पैड में सुरेश मौदहा नाल में पूरन मरौली आदि अन्य लोगों का भी पूर्ण सहयोग रहा है।
बाइट कथावाचक राघवेंद्र तिवारी जी
