महुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत मुरवा के हाल
लगातार गोवंश की खबरें चलने के बाद भी किसी तरीके का गोवंश के प्रति बचाव का इंतजाम नहीं किया जा रहा आप खुद ही देख सकते है मौके में भी जाकर किस तरीके से खुले आसमान के नीचे तार की चारदीवारी में इन बेजुबान जानवरों को कैद कर रखा गया है ना ही कोई छत्रछाया ना ही कोई इंतजाम मरेंगे नहीं बीमार नहीं होंगे तो क्या होंगे अरे रहम करिए साहब यह भी बेजुबान है यह अपनी पीड़ा किससे कहेंगे कोई तो खोजो इन बेजुबान जानवरो की सूने कोई नहीं है इन बेसहारा बेजुबान जानवरों की सुनने वाला किस तरीके से बेजुबान जानवरों के प्रति रुख अपनाया जा रहा है जानलेवा ठिठुरन भरी गलन में एक इंसान जो की पूरी तरीके से अपने आप को नहीं बचा पाता है सभी संचित व्यवस्थाओं के बाद भी तो भला बेजुबान जानवरों का क्या होगा जो इस तरीके से बिना छत्रछाया के कैद किए गए हैं नहीं खाने की व्यवस्था नाही पीने की व्यवस्था ना ही कोई देखरेख करने वाला लानत है सिस्टम पर जरा सोचिए क्या मनुष्य बगैर पानी के रह सकता है क्या मनुष्य बगैर भोजन के रह सकता है अगर नहीं तो बेजुबान जानवरों को बगैर पानी के बगैर चारा के क्यों रहने को मजबूर कर दिया गया है इतनी जिल्लत तो गोवंश हो कि कभी नहीं रही जो आज दिख पड़ती है शासन से जो धन आता है उस धन का आखिर क्या किया जाता है क्या बेजुबान ओं का हक कहीं जुबान वाले तो नहीं खा रहे इसकी जांच तो होनी ही चाहिए और जो भी दोषी हो कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए

