इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर के अन्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने हेतु जनपद के प्रत्येक राजस्व ग्राम में विशेष अभियान दिनांक 25 नवम्बर, 2024 से 31 दिसम्बर, 2024 तक चलाया जाना है, जिसमें समस्त कृषक बन्धु
जिलाधिकारी बांदा ने बताया है कि डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर एग्रीकल्चर के अन्तर्गत फार्मर रजिस्ट्री तैयार करने हेतु जनपद के प्रत्येक राजस्व ग्राम में विशेष अभियान दिनांक 25 नवम्बर, 2024 से 31 दिसम्बर, 2024 तक चलाया जाना है, जिसमें समस्त कृषक बन्धु अपने मोबाइल एवं आधार कार्ड सहित निर्धारित तिथियों पर आयोजित होने वाले कैम्पों में उपस्थित होकर सहयोग प्रदान करें, फार्मर रजिस्ट्री का उद्देश्य एवं लाभ निम्न्वत है।
जनपद के समस्त कृषकों के आधार लिंक्ड रजिस्ट्री तैयार करना, जिससे योजनाओं का नियोजन, लाभार्थियों का सत्यापन, कृषि उत्पादों के विपणन आदि सुविधाजनक होगा।
जनपद के समस्त कृषकों को राज्य सरकार द्वारा कृषकों के कल्याण हेतु संचालित विभिन्न योजनाओं का लाभ सुगम एवं पारदर्शी तथा समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराना।
योजनाओं के लाभ हेतु अथवा अन्य उद्देश्य से कृषकों की पहचान एवं प्रमाणीकरण में सुगमता प्रदान करना।
किसानों के लिए कृषि ऋण, वित्त, आदानों और अन्य सेवा प्रदाताओं के लिये कृषि सेवाओं को सुगमता से उपलब्ध कराना।
प्रदेश के किसानों को वेहतर सेवा देने के लिए कृषि सम्बद्ध विभागों के बीच योजना अभिसरण का सरलीकरण।
उच्च गुणवत्ता वाले डेटा तक आसान पहुँच के साथ एग्री-टेक द्वारा उत्पादों और सेवाओं में नवाचार का विस्तार।
पी०एम०किसान योजना के अन्तर्गत किस्त प्राप्त करने हेतु अनिवार्यता की शर्त को पूर्ण कर लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी।
कृषको को फसली ऋण हेतु किसान केडिट कार्ड एवं एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड एवं कृषि के विकास हेतु अन्य ऋण प्राप्त करने में सुगमता होगी।
फसल बीमा का लाभ प्राप्त करने में सुगमता होगी। इसके साथ-साथ आपदा प्रबन्ध के अन्तर्गत कृषकों को क्षतिपूर्ति हेतु कृषकों के चिन्हांकन में सुगमता होगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीद में कृषकों का पंजीकरण ऑनलाइन माध्यम से हो सकेगा।
कृषकों को समय से वॉछित परामर्श, विभिन्न संस्थाओं द्वारा कृषकों से सम्पर्क के अवसर में वृद्धि के साथ-साथ नवोन्मेषी कार्यक्रमों के विस्तार में सफलता प्राप्त होगी।