



बामदेव उद्यान पार्क में आयोजित विदाई समारोह में जिलाधिकारी अनुराग पटेल ने कहा कि ये जनपद मेरा घर था और घर की जिम्मेदारी मैंने बडी आत्मनिष्ठा और ईमानदारी के तहत निभाई है। मैं सभी से यही अपेक्षा करूगां कि मेरे दिखाये गए मार्ग पर हमेशा चलते रहें और अच्छा कार्य करते रहें, क्योंकि अच्छा कार्य करने के लिए पद, पैसा और प्रतिष्ठा की जरूरत नही होती है, बस मन में सकारात्मक सोंच और करने की लगन होनी चाहिए और ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि चाहे राजस्व परिवार हो या फिर जनपद स्तरीय अधिकारी गण सभी लोंगो ने अपनी-अपनी जिम्मेदारियां और कंधे से कंधा मिलाकर आप सभी लोंगो ने मेरे साथ कार्य किया है। मुखिया के तौर पर मैंने आप लोंगो को सही दिशा-निर्देश दिया है और आप लोंगो ने उसका पालन किया है। जिस तरह माॅ होती है, कभी डांटती है तो कभी लाड-प्यार करती है, उसी प्रकार जनपद में विभिन्न प्र्रकार के नवाचारी कार्यों में जिसको जो जिम्मेदारी दी गयी थी, उसका उन्होंने निर्वहन बडी लगन पूर्वक किया है और जनता के हित में कार्य करने के लिए यदि किसी अधिकारी को मेरी डांट बुरी लगी हो तो उसके लिए मैं क्षमा चाहता हॅू। जिलाधिकारी ने कहा कि आप सभी लोगों के लिए मेरे घर एवं हदय के दरवाजे हमेशा खुले रहेंगे और जो उचित होगा, उसकी सलाह देता रहॅूगां। उन्होंने यह भी कहा कि यह जनपद मेरे लिए नया नही है मेरी सर्विश की शुरूवात यहीं से हुई थी और दूसरी बार मैंने तहसील नरैनी में उप जिलाधिकारी के रूप में कार्य किया और अब मेरा तीसरी बार कलेक्टर के रूप में जनपद की जनता का सेवा करने का अवसर प्राप्त हुआ। मैं अपने आप को बहुत गौरर्वान्वित महसूस करता हॅू। उन्होनें कहा कि बुन्देलखण्ड के लोंग बहुत ही अच्छे हैं उनका स्वागत सत्कार करने का अलग ही अंदाज है जो हर जगह सबको नसीब नही होता। जिलाधिकारी के द्वारा चलाये गए उल्लेखनीय अभियान नवेली-बुन्देली कन्या जन्मोत्सव, ‘‘75 प्रतिशत प्लस हो मतदान, बांदा बने देश की शान’’‘‘साक्षर प्रधान गाॅव की शान’’प्रशासन, पोषण, पाठन अभियान, महाराणा प्रताप का सौन्दर्यीकरण, केन नदी पुल पर जगमगाती तिरंगा लाइट का कार्य, कलेक्टेªट परिसर पर महर्षि उद्यान पार्क, जल संरक्षण में गहरार, मरौली झील, चन्द्रवाल नदी सहित 50 तालाबों का जलकुम्भी हटाओं अभियान जैसे जनहित में विभिन्न प्रकार के कार्य किये गये हैं। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों से कहा कि जनता के दिलों में राज करने के लिए जनता से कनेक्ट होना पडेगा और उनकी जो हो सके मदद करें और शासन की योजनाओं से लाभान्वित कराने का कार्य करें, जिसके बदले में उनके मुंह से हजारों दुवायें मिलेंगे जिनका कोई मोल नही होता। जनता की सेवा करना ही हमारा पहला धर्म होना चाहिए। जिलाधिकारी ने कुछ इस तरह अपने शब्दों को बयां किया ‘‘कहां आसुओं की ये सौगात होगी, नये लोग होंगे नई बात होगी, मैं हर हाल में मुस्कराता रहूंगा, तुम्हारी मोहब्बत अगर साथ होगी। चिरागों को आंखो में महफूज रखना, बडी दूर तक रात ही रात होगी, परेशान हो तुम भी, परेशान हॅू मैं भी चलो मय-कदे में वहीं बात होगी, चिरागों की लौ से सितारों की जौ तक, तुम्हे मै मिलूंगा जहां रात होगी, जहां वादियों में नये फूल आये, हमारी तुम्हारी मुलाकात होगी, सदाओं को अल्फाज मिलने न पाये, न बादल घिरेंगे न बरसात होगी, मुसाफिर हैं हम भी, मुसाफिर हो तुम भी, किसी मोड पर फिर मुलाकात होगी।’’