राष्ट्रीय फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम आई0डी0ए0-2023 ‘‘दिनांक 10 फरवरी से 27 फरवरी 2023 तक‘‘ संचालित किया जा रहा है। मुख्य चिकित्सा अधिकार महोदय द्वारा अवगत कराया गया कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है। अभी तक अभियान में कुल 1404924 लोगों ने दवा का सेवन स्वास्थ्य कर्मियों के सामने किया है। यह दवा खाना खाने के बाद 02 वर्ष से 05 वर्ष तक की उम्र के बच्चों को 100 मिग्रा0 की 01 टैबलेट, 05 वर्ष से 15 वर्ष के बच्चों के लिये 200 मिग्रा0 की 02 टैबलेट तथा 15 वर्ष व इस से अधिक उम्र के लिये 300 मिग्रा0 की 03 टैबलेट के साथ-साथ सभी को 400 मिग्रा0 की 01 टैबलेट एल्बेन्डाजाल एवं 05 वर्ष से ऊपर समस्त को लम्बाई के अनुसार आइवरमेक्टिन खाना खाने के बाद खिलाई जानी है। उक्त के क्रम में 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के साथ गर्भवती महिलाओं एवं गम्भीर रोग से ग्रसित रोगियों को उक्त दवा नहीं खिलाई जानी है।
फाइलेरिया रोग से सम्बन्धित जानकारी देते हुए अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी वी0बी0डी0 बांदा ने अवगत कराया कि उक्त रोग मच्छर के काटने से होता है, इस रोग में हांथ , पैर , हाइड्रोसील, स्तन आदि का सामान्य से अधिक मोटा हो जाता है।
जनपद मे कुल 1742 टीमें दवा खिलाने मे लगायी गयी है तथा सुपरवीजन हेतु 309 सुपरवाइजरों को लगाया गया है। प्रत्येक प्राथमिक/सामु0 स्वास्थ्य केन्द्र के चिकित्सा अधिकारियों को भी पर्यवेक्षण कार्य में लगाया गया है। इस सन्दर्भ में जनसामान्य से अपेक्षा की जाती है कि जब आपके पास दवा खिलाने वाली टीम दवा लेकर पहुंचे तो फाइलेरिया की दवा खाकर फालेरिया रोग के नियंत्रण में सहयोग करें। जिन लोगों ने अभी तक दवा का सवेन नहीं किया है उन समस्त से अपील है कि अपने क्षेत्र की आशा एवं नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र से सम्पर्क करके दवा का सेवन अवश्य कर ले। साथ ही स्वास्थ्य कर्मी पुनः मोपअप राउण्ड 28 फरवरी 2023 से 5फरवरी 2023 तक आपके घर पहुॅचेगे तो टीम का दवा सेवन करने मे सहयोग करे।
‘‘दवा का सेवन ही फाइलेरिया (हाथी पॉव) से बचाव है‘‘
‘‘ करें चुनाव दवा का सेवन या हाथीपॉव‘‘
मुख्य चिकित्साअधिकारी
बांदा
कार्यालय मुख्य चिकित्साअधिकारीबांदा।
पत्रांक- सी0एम0ओ0/फाले0दि0/2023/ दिनांक 25.02.2023
मुख्य चिकित्साअधिकारी
बांदा
