सिद्धपीठ खत्री पहाड़ में उमड़ा भक्तों का जन सैलाब-नरैनी- विन्धवासिनी देवी खत्री पहाड़ अकबरपुर गिरवां में विगत वर्षों की भांति नवरात्रि महोत्सव का आयोजन किया जाता है इस वर्ष भी चैत्रनवरात्रि महोत्सव के आयोजन में समिति और जिला प्रशासन शांतिपूर्ण व्यवस्था के लिए पूर्ण रुप से तैयारी कर मेलें में दूर दराज के बाहरी दुकान दार अपनी दुकाने लगा कर आने वाले भक्तों की सेवा कर रहे है! मां विन्धवासिनी खत्री पहाड़ मन्दिर के परिसर में श्रृद्धालुओं के मनोरंजन के लिए रात्रि में श्रेष्ठकलाकारों के व्दाऋआ राम लीला का मंचन किया जा रहा है!मां विन्धवासिनी देवी के गिरवां में अवतरण के लगभग पचास वर्ष पूर्ण होने पर माता रानी के प्रथम अवतरण स्थल पर शांता के ननिहाल में मां विन्धवासिनी जी के जवारों की स्थापना हुई जिसमें चैत्रनवरात्रि की पंचमी तिथि को मां विन्धवासिनी देवी मां की आरती आदि शक्ति जगत जननी विन्धवासिनी देवी मां सवारी लेकर आरती निकलायी और उपस्थिति सभी भक्तों को आशीर्वाद दिया! शांता का परिचय-गिरवां के श्री पुरुषोत्तम दास व्दिवेदी, श्री चन्द्रिका प्रसाद व्दिवेदी (पुजारी जी),श्री रामनरायण व्दिवेदी, श्री रमेश प्रसाद व्दिवेदी, श्री रामनरेश व्दिवेदी आदि लोगों की जेष्ठ लाडली भांन्जी शांता थी जिनके सिर सवार होकर मां विन्धवासिनी ने अपने आने का कारण और यहाँ अपना स्थान ग्रहण किया था !मां जगदम्बा विन्धवासिनी देवी के अवतरण के पचास वर्ष पूर्ण होने पर अखिल भारतीय ब्राम्हण कल्याण परिषद के राष्टीय मीडिया प्रभारी आत्माराम व्दिवेदी पुत्र श्री चन्द्रिका प्रसाद व्दिवेदी व समस्त परिवारी जनों की सहमति से मां विन्धवासिनी देवी जी के जवारे स्थापित कराये गयें है!