कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा
माननीय राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण-नई दिल्ली तथा उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के तत्वावधान में राष्ट्रीय महिला आयोग, नई दिल्ली के सहयोग से माननीय जनपद न्यायाधीश / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा डा० बब्बू सारंग जी के निर्देशन में आज दिनांक 16-12-2024 को “विधान से समाधान” कार्यक्रम कें अर्न्तगत महिलाओं के हित सरंक्षण व उनके अधिकारों के सम्बंध में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन ब्लाक तिन्दवारी, जिला बांदा में दिन 12:00 बजे से किया गया। शिविर की अध्यक्षता श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा की गयी।
श्री श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में महिलाओं को प्राप्त मुफ्त कानूनी सहायता, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न से बचाव, देश की प्रत्येक महिला को सुरक्षा की भावना प्रदान करना, पुरुषो के समान पारिश्रमिक का लाभ आदि के सम्बंध में विस्तार से व्याख्यान किया गया। महिलाओं को कन्या भ्रूण हत्या, मानव तस्करी, पीछा करना, यौन शोषण, लिंग के आधार पर परेशान करना, यौन उत्पीड़न और इनमें सबसे भयावह अपराध बलात्कार जैसे अत्याचारों का शिकार होना पडता है। ऐसे उत्पीडन का शिकार असंगठित क्षेत्रों में कार्य करने वाली महिलाएं, घरेलू काम करने वाली महिलाएं, निजी या सरकारी संगठनों में कार्य करने वाली महिलाएं होती है। सचिव महोदया ने बताया कि महिलाओं को ऐसी किसी प्रकार की समस्या होने पर वे अपना प्रार्थना पत्र कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा स्वयं आकर अथवा डाक के माध्यम से भी दे सकती है जिस पर उन्हे मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान की जायेगी।
श्री आर०एस० यादव, बाल विकास परियोजना अधिकारी-तिन्दवारी द्वारा अपने सम्बोधन में महिलाओं व बालिकाओं को आत्मसुरक्षा प्रदान करने हेतु सरकार द्वारा चलायी जा रही कल्याणकारी योजनाओं के विषय में बताया गया। उन्होने बैंक सखी, उज्जवला योजना, मातृत्व एवं शिशु हित लाभ, शादी अनुदान आदि योजनाओं से भी अवगत कराया।
श्रीमती सुमन शुक्ला, पराविधिक स्वयं सेवक ने कहा कि महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए आत्मचिंतन एवं स्व निर्णय की शक्ति होना अत्यन्त आवश्यक है। उन्होने बताया कि महिलाओं को उन नकारात्मक स्थितियों से बचना चाहिए जो उनके सशक्त होने में बाधक है। केन्द्र व राज्य सरकार द्वारा महिलाओं के कल्याण हेतु संचालित निराश्रित महिला पेंशन योजना, मुख्यमन्त्री कन्या सुमंगला योजना, जननी सुरक्षा योजना आदि के सम्बंध में विस्तार से व्याख्यान किया गया। श्रीमती सुमन शुक्ला द्वारा कहा गया कि माता-पिता अथवा अध्यापक /अध्यापिकाओं द्वारा बच्चों को बैड टच के बारे में भी विस्तार से जानकारी देना चाहिए जिससे कि वे बड़े अनिष्ट से बच सके। उक्त घटनाओं से पीड़ित महिलाओं / बालिकाओं की निःशुल्क काउन्सिलिंग वन स्टॉप सेण्टर, बांदा द्वारा की जाती है। धारा-125 सीआरपीसी० के अन्तर्गत भरण-पोषण के सम्बंध में विस्तार से व्याख्यान किया एवं वैवाहिक वादों में टूटते दाम्पत्य जीवन को बचाने के लिये जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा में स्थित मध्यस्थता केन्द्र की भूमिका पर प्रकाश डाला।
श्रीमती रमा साहू, काउन्सलर-वन स्टॉप सेण्टर, जिला प्रोबेशन कार्यालय बांदा द्वारा बताया गया कि यदि किसी महिला के साथ कोई व्यभिचार, अश्लील ढगं से उनके कार्यस्थल अथवा घर पर किसी बाहरी अथवा घर के सदस्य द्वारा ऐसा व्यवहार किया जाता है तो उसे तुरन्त संज्ञान में लेकर शिकायत दर्ज करानी चाहिए। महिला आयोग में ऐसी शिकायतें अत्याधिक मात्रा में होती है, इसलिए महिलाओं को चाहिए कि अपने साथ हो रहे व्यवहार के विषय में शिकायत दर्ज कर कार्यवाही करें जिससे भविष्य में किसी बड़ी अनहोनी से बचा जा सके। सुश्री अनीता द्वारा जिला प्रोबेशन कार्यालय-बांदा से महिलाओं को प्राप्त होने वाली सहायताओं के सम्बंध में विस्तार से जानकारी प्रदान की गयी। महिला हेल्प लाइन नं0-181 (वनस्टॉप सेण्टर) के जरिये सुरक्षा प्रदान करने के प्राविधानों का विस्तार से वर्णन किया।
शिविर में श्रीमती अन्जुम आरा-एम०एस० तथा श्रीमती सोनिया शर्मा-एम०एस० तिन्वारी द्वारा भी महिलाओं की सुरक्षा से सम्बन्धित विचार व्यक्त किये गये।

शिविर का संचालन श्रीमती सुमन शुक्ला द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री राशिद अहमद – डी.ई.ओ. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के साथ आंगनबाड़ी कार्यकत्री उपस्थित रही।