


हम मानते हैं कि आपके पास सत्ता की हनक और पद का गुरूर है पर आपको चौथे स्तंभ को इस तरह नजरअंदाज करने के लिए तो सरकार के भी किसी अधिकारी ने नहीं कहा है इस तरह से आप चौथे स्तंभ के पत्रकारों के खिलाफ आनन-फानन में मुकदमा दर्ज कर ले माना कि आपको पत्रकारों को अपनी धौंस और अकड़ दिखानी थी पर आप अपने उच्च अधिकारियों के आदेशों की भी अवहेलना कर दी आपने अपने उच्च अधिकारियों के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए तार-तार कर दी आप लोगों ने मुख्यमंत्री के आदेशों की भी धज्जियां उड़ा दी फिर भी आप अपने को अधिकारी कहते हैं कैसे यह सोचने वाला प्रश्न है जिस व्यक्ति ने जिस अधिकारी ने अपने उच्च अधिकारी की आदेशों की अवहेलना की हो अपने प्रदेश के मुखिया के आदेशों की अवहेलना की हो अभी भी वह पद पर बना बैठा है और आज भी पत्रकारों को अपनी अकड़ दिखा रहा है इससे निश्चित रूप से प्रदेश के कानून और प्रदेश के मुखिया के साख पर बट्टा लगा है अभी भी जिला प्रशासन और सरकार को तुरंत ही दोषियों को बर्खास्त करते हुए पत्रकारों को तुरंत न्याय दिलाना चाहिए वरना जनता और चौथे स्तंभ का सरकार और अधिकारियों से विश्वास उठ जाएगा