भ्रष्टाचार के मामले में कमासिन ब्लाक नंबर व
फर्जीवाड़ा कर निकाली PM आवास की किस्तें, कागजों में बना दिया आवास
भृष्टाचार की भेंट चढा गरीब का पीएम आवास
लाभार्थी का जमीन पर नहीं कागजों में बना आवास
सरकारी योजनाओं की अगर हम बात करें तो योजनाओं को गरीबों तक पहुंचाने के लाख प्रयास किये जाते हैं और उन योजनाओं का लाभ सीधे गरीबो तक पहुंचाने के अक्सर बड़े-बड़े दावे भी किये जाते हैं लेकिन जब जमीन तक वो योजनाएं पहुंचती है तो हकीकत कुछ और ही हो जाती हैं और जिन लोगों को फायदा होना होता है उन तक नहीं पहुंचता और उनके हक की रकम कोई और लूट ले जाता है। जी हां हम बात कर रहे हैं बाँदा जिले के कमासिन ब्लाक क्षेत्र के ग्राम पंचायत छिलोलर की जहाँ की रहने वाली माया देवी को प्रधानमंत्री आवास स्वीकृत हुआ और उसको पहली किस्त उसके खाते में मिलने के एक साल बाद भी आज तक बाकी किस्तें नहीं मिली और दूसरी और तीसरी किस्त दूसरे के खाते में डालकर भृष्टाचारियों ने आपस में मिलकर निकाल ली। जब लाभार्थी को उसके साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला तो उन्होंने रोजगार सेवक प्रधान सचिव से संपर्क किया लेकिन जिम्मेदार झूठा आश्वासन देते रहे। अब लाभार्थी परेशान हैं लेकिन सुनने वाला कोई नहीं है । हद तो तब हो गयी जब बाकी किस्तों का पैसा भी निकल गया और सरकारी कागजों में आवास भी पूरा दिखा दिया गया लेकिन लाभार्थी का आवास आज भी अधूरा पडा है। और वह इस ठंड में आज भी पन्नी डालकर झोपडी में रहने को मजबूर हैं। पीड़ित ने रोजगार सेवक पर आवास दिलाने के नाम पर घूस लेने व उच्चाधिकारियों से शिकायत के बाद ब्लाक के अधिकारियों द्वारा मामले को दबाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने बताया कि इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की गई लेकिन एक महीने बाद भी अभी तक न तो किसी प्रकार की जांच हुई न ही उनका पैसा मिला। वहीं अब इस मामले में रोजगार सेवक व खंड विकास अधिकारी का क्या कहना है देखिए इस रिपोर्ट में
