मजदूरों में नाबालिग भी थे शामिल, गांव आने पर बताया जो वादा किया वह नहीं निभाया, जारी रहा शोषण
शिक्षा एवं बेरोजगारी पर ध्यान देने की जरूरत है देश एवम प्रदेश की सरकारों को समाजसेवी शालिनी पटेल
गठित मजदूर मोर्चा के जिलाध्यक्ष ज्ञानेश्वर प्रसाद ने बताया कि मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दलसिंगार के पहल पर असंगठित मजदूर मोर्चा एवं एक्शन एड के सयुंक्त तत्वावधान में फतेहाबाद, हरियाणा प्रशासन ने बांदा के गांव बाघा, थाना-बिसंडा, तहसील अतर्रा के 25 बाल एवं बंधुआ मजदूरों को वहां गणेश ईंट भठ्ठा, गांव नहला, थाना-भुना तहसील भूना, जिला- फतेहाबाद, हरियाणा से बाल एवं बंधुआ मजदूरी को मुक्त कराया गया है। अब वह अपने गांव आ गए है। पूछतांछ पर बंधुआगिरी से मुक्त मजदूर अपने साथ हुए शोषण की दास्तान बताते हुए कहते हैं कि जो वादा करके काम कराने के नाम पर ले जाया गया था उन लोगों ने कोई सुविधाएं नहीं प्राप्त कराई। उनके साथ सौतेला व्यवहार किया गया। असंगठित मज़दूर मोर्चा सहित कुछ समाजसेवियों के संज्ञान में आया तो पूरी जानकारी हेतु एक्शन एड के साथ मिलकर असंगठित मज़दूर मोर्चा ने सही जानकारी प्राप्त करने हेतु मजदूरों के परिवार के माध्यम से मज़दूरों से संपर्क किया गया. जिसमें नथुआ पुत्र रामआसरे नामक मजदूर ने बताया कि उन सभी लोगों को जमादार/ठेकेदार जगतपाल निवासी ग्राम रेहुटा, जिला-चित्रकूट, उ0प्र0 ने लालच देकर और अग्रिम/एडवांस राशि देकर काम करने के लिए अक्तूबर 2022 माह में लाया और बोला कि कार्यस्थल पर सभी बुनियादी सुविधाएं मिलेगी. लेकिन जब सभी मजदूर कार्यस्थल पर पहुँचे तो मूलभूत कोई भी सुविधाएं नहीं थी। जब सभी मजदूर ने विरोध किया तो उन्होंने धमकाने लगे और कहते हैं कि जब तक कोई दूसरा मजदूर नहीं आता तब तक एक भी मजदूर को नहीं जाना है। कार्यस्थल पर बच्चों से तब जबरन मजदूरी कार्य कराया जा रहा है। मजदूरों को बंधुआ गिरी से मुक्त कराने के काम में जदयू की महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष शालिनी सिंह पटेल ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा विगत कई वर्षों से कराये गए कार्यों की जांच कराई जाए। और अगर सरकारी पटेल ने यह भी बताया कि अगर देश और प्रदेश की सरकारी शिक्षा और रोजगार पर ध्यान दें तो कोई भी व्यक्ति बेरोजगारों को बंधन नहीं बना सकता है कहीं ना कहीं शिक्षा की कमी है इसलिए उनको बंधक बनाकर अघोषित होते तो ऐसी घटनाएं कभी नहीं हो सकती मजदूरों के साथ , मुक्त कराये गए मजदूरों के बारे में बताया कि नथुआ पुत्र रामआसरे, उम्र- 60 वर्ष, कुसमा पत्नी नाथुआ, उम्र- 57 वर्ष, चुनकी पुत्री नाथुआ, 14 वर्ष, राजकुमार पुत्र शिवमंगल, 37 वर्ष, परागिया पत्नी राजकुमार, 36 वर्ष, लक्ष्मी पुत्री राजकुमार, 12 वर्ष, अजय कुमार पुत्र राजकुमार, 14 वर्ष, पिंकी पुत्री राजकुमार, 10 वर्ष, राममुनि पुत्री राजकुमार, 8 वर्ष, खुसबू पुत्री राजकुमार, 9 वर्ष, अंतिम पुत्र राजकुमार 6 वर्ष, सूरजभान पुत्र चंद्रभान, 44 वर्ष, सुमन पत्नी सुरजभान 39 वर्ष, शांति पुत्री सुरजभान 18 वर्ष, आरती पुत्री सुरजभान 10 वर्ष, नेहा पुत्री सुरजभान 8 वर्ष, पुषपाल पुत्र सुरजभान 6 वर्ष, हरिशंकर पुत्र सुरजभान 4 वर्ष, रामप्रसाद पुत्र देवीदीन 41 वर्ष, कुसुमकली पत्नी रामप्रसाद 39 वर्ष, नेहा पुत्री रामप्रसाद 12 वर्ष, संध्या पुत्री रामप्रसाद 10 वर्ष, सुमित पुत्र रामप्रसाद 8 वर्ष, वंदना पुत्री रामप्रसाद 6 वर्ष, ललित पुत्र रामप्रसाद 1 वर्ष है।