बांदा कलेक्ट्रेट में आज कोटेदारों ने डीएम से गुहार लगाते हुए ज्ञापन दिया है और कहा है की ठेकेदारों के गाड़ियों के द्वारा राशन पहुंचाने की व्यवस्था को बंद किया जाए ठेकेदारों द्वारा बड़े वाहनों से सरकारी राशन की दुकान का सामान भेजा जाता है उसके बाद ठेकेदार हम कोटेदारों से खुद का वाहन मंगवाते हैं जिससे हम लोगों को दो बार वाहन का पैसा देना पड़ता है और पल्लेदारों को दो बार पैसा देना पड़ता है पूरे मामले में सिटी मजिस्ट्रेट ने ज्ञापन लेते हुए जांच करा कर कार्रवाई की बात कही है। अगर इसी तरह ठेकेदारी प्रथा चलती रहे आने वाले समय में कोई भी कोटेदार गल्ला वितरण का काम नहीं करेगा क्योंकि जिस तरह से ठेकेदारों द्वारा हमारा उत्पीड़न हो रहा है और भाड़े के नाम पर दो दो बार हमें परेशानी और धन लगाना पड़ रहा है और जो कमीशन मिलता है उससे ज्यादा हमारी लागत लग जाती है ऐसे में हम कोटेदार ई का काम करके क्या करेंगे यह गुहार लगाई है कोटेदार संघ ने