ग्राम प्रधान और सचिव के लापरवाही से पड़मई गौशाला में अव्यवस्थाओं का बोलबाला
मृत गौवंशो को फेका जा रहा खुले में कुत्ते और जंगली जानवर नोच नोच कर भर रहे अपना पेट


चाने व खाने पीने की व्यवस्था के लिए शासन से लाखो रुपए आता है लेकिन प्रधान व सचिव मिलकर सरकारी धन को डकार जाते है और गौवंशो को गौशाला रूपी नरक शाला में बंद कर मरने को विवश करते है अब तक ठंड और भूख प्यास से यहां बड़ी संख्या की तादाद में गोवंश बीमार है मरने की कगार पर है और लगातार मर रहे है फिर भी ग्राम प्रधान और सचिव के पास दया नाम की चीज नहीं बची है गौवंशो के साथ कसाइयों से बदतर व्यवहार किया जा रहा है खुले आसमान में ठंड और भूख प्यास से गौ वंश तड़प तड़प कर मरने को विवश हो रहे है फिर भी जिम्मेदार नहीं ले रहे संज्ञान और मृत गौ वंशो को खुले मैदान में फेककर कुत्ते और जंगली जानवरों का बनाया जा रहा निवाला मृत गौ वंश को नोच नोच कर खा रहे जंगली जानवर सोनू करवरिया ने कहा की अभी हाल ही में इसी तरह के प्रकरण में चित्रकूट धाम मंडलायुक्त ने सियार पाखा के प्रकरण में खंड विकास अधिकारी नरैनी को शख्त हिदायत दी गई थी की हर जगह की गौशाला में बदहाल व्यवस्था को तुरंत ठीक किया जाय परन्तु मंडलायुक्त के फरमान का भी किसी प्रकार से पालन नहीं किया जा रहा जब की सरकार गौ वंश बचाव के लिए हर तरह से प्रयासरत है लेकिन कुछ मातहत सरकार की मंशा में पानी फेरने में ही तुले है