बांदा
सुहाना में राय की पहुंच और सत्ता की हनक लगा रही राजस्व को चूना
ओवरलोड और अवैध खनन होने के बावजूद भी कार्यवाही के नाम पर कांप रहे जिम्मेदारों के हाथ, योगी सरकार की नीतियां सुहाना भूमि धरी खदान में तोड़ रही दम
बांदा । मुख्यालय से महज कुछ ही दूरी पर संचालित सुहाना खदान संचालक के आगे स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से नतमस्तक हो चुका है क्योंकि अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने वाले सभी जिम्मेदारों के हाथ उस खदान संचालक के खिलाफ कार्रवाई करने के नाम पर कांप रहे हैं इसीलिए कुल मिलाकर के यह कहा जा सकता है कि योगी सरकार की नीतियां बांदा में आकर पूरी तरह से दम तोड़ रही हैं।
खदान के अंदर खड़े ओवरलोड ट्रक
लाल सोने का काला कारोबार करने वाले कारोबारी इस समय पूरी तरह से बेलगाम हो चुके हैं। उनके लिए सरकार द्वारा बनाए गए किसी भी नियम को लागू करना बांदा जिला प्रशासन के लिए मुश्किल ही नहीं नामुमकिन दिखाई दे रहा है । यह बात इसलिए सिद्ध हो रही है क्योंकि सुहाना खदान में इस समय खुलेआम भारी-भरकम मशीनों से खुलेआम अवैध खनन हो रहा है। लेकिन जिम्मेदार कार्यवाही नहीं कर रहे हैं ।
सूत्रों ने बताया कि इनके द्वारा अपनी पहुंच लखनऊ तक बता कर यहां के अधिकारियों के ऊपर अपना रौब झाड़ा जा रहा है । इसके कारण ही यहां के अधिकारी इस खदान पर कार्रवाई करने से बच रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार यह भी जानकारी मिली है कि उक्त खदान में बिना रवन्ने के ओवरलोड बालू का परिवहन किया जा रहा है। बिना रवन्ने के बालू का परिवहन करने के कारण सरकार को भी राजस्व का लंबा चूना लग रहा है। बालू माफिया द्वारा अवैध खनन के साथ साथ सरकारी खजाने में भी लूट मचाई जा रही है।
इसके बावजूद भी प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही न किया जाना प्रशासन के ऊपर बड़ा प्रश्न चिन्ह लगा रहा है। योगी सरकार द्वारा अवैध कामों को करने वालों के विरुद्ध कार्यवाही करने निर्देश दिए गए हैं। इसके बावजूद भी बांदा जिले में अवैध खनन करने वालों के विरुद्ध शासन प्रशासन द्वारा किसी प्रकार की कार्यवाही न किया जाना कहीं न कहीं योगी सरकार के निर्देशों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहा है।
कुल मिलाकर कहा जा सकता है कि योगी सरकार के आदेश निर्देश बांदा में आकर के पूरी तरह से फेल साबित हो रहे हैं। अब देखने वाली बात होगी अपने आपको लखनऊ तक की पहुंच बताने वाले ऐसे खदान संचालक के खिलाफ जिला प्रशासन सहित जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कैसी कार्यवाही की जाती है।
ओवरलोड ट्रकों का निकलता है काफिला
बांदा। सुहाना खदान में अवैध खनन तो हो ही रहा है । इसके साथ उस खदान से ओवरलोड ट्रकों का जखीरा भी निकलता है। लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर उस पर नहीं पड़ती है। ओवरलोड ट्रकों के निकलने के कारण रोडे भी खराब हो रही है। सड़कों में गड्ढे ही गड्ढे दिखाई दे रहे हैं ।
लेकिन किसी भी जिम्मेदार अधिकारी की नजर ऐसे अवैध कामों को करने वाले लोगों के खिलाफ नहीं पड़ रही है। लाल सोने की लूट किसी से छिपी नहीं है। बांदा जिले में आकर हर कोई लाल सोने को लूट कर के अपनी तिजोड़ियां को भरना चाहता है। ओवरलोड ट्रकों के निकलने के कारण सरकार को भी राजस्व का लंबा चूना लग रहा है लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्यवाही करने के नाम पर पूरी तरह से असफल दिखाई दे रहे हैं एनजीटी के नियमों की धज्जियां उड़ते अगर देखना हो तो आप बांदा की सुहाना खदान आ सकते हैं जहां पर मानकों को धता बताते हुए ओवरलोड गाड़ियां आपने खदान से भरकर बेझिझक निकालते हैं और बड़ी-बड़ी बातें करने वाले लोग सड़क सुरक्षा माह मना रहे हैं क्या ओवरलोड गाड़ियां चलेंगी तो सुरक्षा पखवारा कैसे माना जाएगा परंतु सड़क सुरक्षा माह भी मनेगा और ओवरलोड गाड़ियां भी सड़कों पर फर्राटा भरते हुए नजर आएंगी यह दोहरा चरित्र कैसे क्यों नहीं नजर आ रहा यह सवाल तो जनता के चलता रहेगा







