भागवत कथा में धूमधाम से मनाया गया श्री कृष्ण जन्मोत्सव
बांदा। बलखडी नाका में चल रहे श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन भगवान श्रीकृष्ण जन्म की ली छतला सुनाई गई। कथा व्यास आचार्य श्री राघव जी महाराज ने बड़े ही मनोयोग से श्री कृष्ण जन्म से पहले नवम स्कंध के अन्र्तगत राम कथा सुनायी।
श्रीमद् भागवत कथा में भागवत रस की वर्षा होती रही। श्री राघव जी महाराज ने कृष्ण जन्म महोत्सव की कथा का बखान किया।भगवान श्रीराम एवं श्रीकृष्ण जन्म का गूढ़ रहस्य बताया। उन्होंने कहा कि मनुष्य को भगवान कृष्ण की लीलाओं को सुनना गाना चाहिए। इससे मनुष्य में सांसारिक रस समाप्त होकर धार्मिक रस का प्रवाह होता है।
कहा जाता है कि जब-जब धर्म की हानि होती है, के लिए भगवान अवतार लेते । तब सज्जनों का कल्याण ,संसार का कल्याण करने और राक्षसों का वध करने के लिए भगवान अवतार लेते हैं।श्रीकृष्ण का अवतार तब होगा जब आप सत्य निवेशी बनेंगे। अर्थात आपको सत्य की साधना करनी पड़ेगी। मां देवकी ने सत्य की साधना की। सत्य की साधना कष्टदायी हो सकती है, लेकिन इसके फल के रूप में हमें श्रीकृष्ण ही प्राप्त होंगे। वह हमारे जीवन को आनंद से भर देंगे।
कथा में कृष्ण जन्मोत्सव में बडी संख्या में श्रद्धालु उमड पडे।कथा के दौरान फल, फूल, गुब्बारों व टॉफियों से सजे सत्संग हॉल में कृष्ण जन्मोत्सव मनाया गया। कृष्ण जन्म होते ही संपूर्ण सत्संग हॉल कन्हैयालाल की जयकारो से गुंज उठा तथा चहुंंओर पुष्पवर्षा की गई।
जैसे ही भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की कथा के साथ मंचन किया गया वैसे ही सत्संग पंडाल कृष्ण की जय-जयकार से गूंज उठा। ।नंद घर आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की भजन की प्रस्तुति पर सत्संग हॉल में मौजूद श्रद्धालु झूमकर नाचने लगे।वातावरण भक्तों के आनंद से स्वयं आनंदित था तो हजार कंठो से निकली आवाज से पूरा आकाश गुंजायमान था।
इस मौके पर रामखेलावन पांडे,बृजेश पांडेय
राजेश कुमार पांडेय, राहुल द्विवेदी, आंनद मणी त्रिपाठी,जीतू दीपू,देशांस आदि।