अतर्रा की स्थाई गौशाला मे गौवंशों को दी जा रही सड़ी सब्जियां शिकायत पर पहुंचें मुख्य विकास अधिकारी*
बांदा- आपको बता दें कि अतर्रा की कान्हा गौ शाला में भूख से तड़प कर मर रहे गौ वंश
नहीं है किसी को इनकी परवाह
आज अतर्रा तहसील की प्रांगण पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में संपूर्ण समाधान का आयोजन किया गया था जिस पर नगर पालिका द्वारा संचालित कान्हा गौशाला की शिकायत आलोक कुमार गर्ग तथा संजुल द्विवेदी के द्वारा जिलाधिकारी को ज्ञापन दिया गया जिसका जिलाधिकारी ने इस शिकायती पत्र को संज्ञान में लेते हुए तुरंत मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य को निर्देशित किया कि कान्हा गौशाला अतर्रा की जांच कर शाम तक रिपोर्ट पेश करें जिस पर मुख्य विकास अधिकारी वेद प्रकाश मौर्य एवं कुछ संबंधित अधिकारी वहां मौके पर पहुंच कर जांच पड़ताल की । निरीक्षण में लगभग 6 या 7 गौ वंश मरणासन्न की स्थिति पर पाए गए और जो वहां पर भूसा का स्टॉक है वह बहुत ही कम पाया गया जिससे यह प्रतीत होता है कि इन गौ वंशों को नाम मात्र के लिए ही भूसा दिया जाता है जिससे यह गौ वंश कमजोर होकर मरणासन्न की स्थिति पर हो जाते हैं और कुछ दिन में ही मृत हो जाते हैं ।शिकायतकर्ता ने बताया कि सुबह जो सब्जी विक्रेता सड़ी हुई सब्जी बाहर फेंक देते हैं उसी प्रकार की सड़ी सब्जी नगर पालिका की गाड़ी में ले जाकर के गौ वंश के बीच में डाला जाता है जिससे गोवंश बीमार हो रहा है जिससे लगातार मृत्यु हो रहे है एवं उन्होंने बताया की जो गौ वंश मृत हो रहे हैं वह नगर पालिका की गाड़ी पर ले जाकर के अन्य स्थान पर फेंक दिया जाता है जिन्हें कौवे और कुत्ते अपना आहार बनाते हैं आखिर इस तरह की लापरवाही इन बेजुबान गौ वंश के साथ क्यों किया जा रहा है क्या इनका कोई अधिकार नहीं है ।और जो जिम्मेदार है वह अपनी आंखें क्यों बंद किए हुए हैं अब देखना यह है की जिला अधिकारी बांदा इस पर क्या कार्रवाई करते हैं या फिर ऐसे ही लीपा पोती हो जाती है।

गौशालाओं में गौवंशों के लिए उचित भोजन, पानी और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था होनी चाहिए। भारत में गाय-भैंसों की संख्या में वृद्धि हुई है, लेकिन ऐसी घटनाएं यह दर्शाती हैं कि हमें इनकी देखभाल और सुरक्षा के प्रति अधिक संवेदनशील होने की आवश्यकता है हालांकि उत्तर प्रदेश की सरकार गौवंशों की सुधार को लेकर कई प्रयत्न किए जा रहे हैं| लेकिन धन के भूखे गौशालाओं के जिम्मेदार गौवंशों का हक खाने मे भी तनिक नही सकुचाते आखिर इन लापरवाह जिम्मेदारों पर आखिर प्रशासन कोई कड़ी कार्यवाही क्यों नही करता यह चिंता का विषय है|