*पानी परात को हाथ छुओ नहीं नैनन के जल से पग धोये सुदामा चरित्र की कथा सुनकर श्रोता हुए भाव विभोर*
दर्शकों के आँखों से बही अश्रुधार
बांदा- डुंगरी शिवहद में आयोजित भागवत कथा में आज सुदामा चरित्र पर विस्तार से चर्चा की गई। कथा व्यास संदीप कृष्ण शास्त्री ने अपनी मधुर वाणी से श्रोताओं को मंत्र मुग्ध कर दिया।
सुदामा कृष्ण मित्रता की कथा सुनकर श्रोतागण अपने अश्रु नहीं रोक सके।
इस अवसर पर सवर्ण आर्मी आईटी सेल प्रभारी आदित्य पांडेय भी कथा श्रवण का आनंद उठाया एवं कथा सुनकर अपनी आत्मा को शांति प्रदान की। आशीष पांडेय, रामदयाल और अन्य कई गणमान्य व्यक्ति भी इस आयोजन में उपस्थित थे।
आयोजक आशु शुक्ला ने बताया कि यह भागवत कथा 1 जनवरी से शुरू हुई थी और आज सुदामा चरित्र पर विशेष चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए एक अद्वितीय अवसर है, जहां वे भागवत कथा की महिमा को समझ सकते हैं और अपनी आत्मा को शांति प्रदान कर सकते हैं।
कथा व्यास संदीप कृष्ण शास्त्री ने अपने उद्बोधन में कहा कि सुदामा चरित्र हमें दोस्ती और सहयोग की महत्ता सिखाता है। उन्होंने कहा कि हमें अपने जीवन में भी सुदामा की तरह सहयोग और दोस्ती की भावना को अपनाना चाहिए।
