वित्तीय सेवाएं विभाग, वित्त मंत्रालय के निर्देशानुसार दिनांक 21 नवम्बर 2025 को कलेक्ट्रेट सभागार, बाँदा में ‘अदावा वित्तीय संपत्ति विशेष शिविर’ का आयोजन किया गया। शिविर में नागरिकों को बैंक जमा, बीमा पॉलिसी, लाभांश, शेयर, म्यूचुअल फंड इत्यादि से संबंधित अनक्लेम्ड वित्तीय संपत्तियों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
शिविर का संचालन अग्रणी जिला प्रबंधक, बाँदा रवि शंकर द्वारा किया गया तथा कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय रिज़र्व बैंक के प्रबंधक शमसुद्दीन ने की। इस अवसर पर नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक संदीप गौतम, वित्तीय साक्षरता सलाहकार के. पी. दिनकर, आरसेटी निदेशक गिरजेश कुमार सहित विभिन्न बैंकों एवं बीमा कंपनियों के जिला प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि शिविरों का मुख्य उद्देश्य अनक्लेम्ड डिपाज़िट संबंधित राशि को उनके वास्तविक दावेदारों या उत्तराधिकारियों तक पहुँचाना है। अग्रणी बैंक प्रबंधक रवि शंकर ने जानकारी दी कि बाँदा जनपद में 1,15,420 खातों में कुल 38.63 करोड़ रुपये लावारिस राशि के रूप में उपलब्ध है, जिसे खाताधारक केवाईसी पूर्ण कर पुनः प्राप्त कर सकते हैं।
यह भी बताया गया कि शाखा स्तर पर यह 100 दिवसीय कैंप 01 अक्टूबर से चल रहा है जो कि 10 जनवरी तक जारी रहेंगे, जिनमें नागरिक अपने खातों से संबंधित औपचारिकताएँ पूरी कर राशि का दावा कर सकते हैं। खाताधारक भारतीय रिजर्व बैंक के उद्गम पोर्टल https://udgam.rbi.org.in/unclaimed-deposits पर अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कार्यक्रम के दौरान 43 लाभार्थियों को, जिन्होंने अपनी अनक्लेम्ड राशि प्राप्त कर ली थी, प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
शिविर में 100 से अधिक किसानों, महिलाओं के समूहों तथा आम नागरिकों ने प्रतिभाग किया।