आखिर दीपक गुप्ता को विकास प्राधिकरण द्वारा क्यों बनाया जा रहा है भूमाफिया ….
दीपक गुप्ता ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सबके सामने आन रिकॉर्ड जो साक्ष्य प्रस्तुत किए हैं उनमें स्पष्ट हो जाता है कि जो जमीन विकास प्राधिकरण द्वारा दिखाई जा रही है वह जमीन कहीं अंकित ही नहीं है विकास प्राधिकरण द्वारा लगातार दीपक गुप्ता को द्वेष की भावना से ऐसी नोटिस दी जा रही हैं जिनका कोई अभिप्राय नहीं है अब विकास प्राधिकरण किसके कहने से ऐसे अनर्गल आरोप दीपक गुप्ता के ऊपर लगा रहा है कहीं किसी की साजिश का शिकार तो नहीं हो रहा दीपक गुप्ता क्योंकि प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस तरह दीप दीपक गुप्ता ने एक पूर्व विधायक के बेटे व एक उच्च अधिकारी का नाम भी लिया था कहीं यह सब उन्हीं के इशारे पर तो नहीं हो रहा अगर ऐसा है इसकी उच्चस्तरीय जांच होनी चाहिए क्योंकि किसी का उत्पीड़न सिर्फ इसलिए नहीं होना चाहिए कि उसने सुविधा शुल्क नहीं दिया या कभी किसी का सहयोग करता रहा परंतु आज स्थिति ऐलाउ नहीं कर रही और वह नहीं कर पा रहा सिर्फ दबाव बनाकर के अपने मनमाफिक काम कराना क्या न्यायोचित है और जिस तरह दीपक गुप्ता को मानसिक रूप से प्रताड़ित करके लगातार उसके खिलाफ f.i.r. कराई जा रही है जो जमीन उसकी कभी थी ही नहीं उनका भी मालिकाना हक दीपक गुप्ता को बनाया जा रहा है अगर वास्तव में विकास प्राधिकरण ईमानदार है जिन जमीनों का मालिकाना हक दीपक गुप्ता का बता रहा है वह जमीन उपलब्ध क्यों नहीं करा पा रहा क्या मालिकाना हक बता देने से वह जमीन दीपक गुप्ता को मिल जाएंगी अगर ऐसा है तो दीपक गुप्ता वह जमीन लेने के लिए तैयार हैं जिस का मालिकाना हक दीपक गुप्ता को बताया गया है परंतु दीपक गुप्ता ने बताया सिर्फ मुझे परेशान करने के लिए भू माफिया बनाया जा रहा है जबकि हकीकत में कोई ऐसी जमीन नहीं है जिनका उल्लेख विकास प्राधिकरण व जांच में एक सब इंस्पेक्टर ने दर्शाया है अब देखना यह है दीपक गुप्ता के मामले को लेकर के उच्च अधिकारी न्याय करते हैं या दीपक गुप्ता इसी तरह प्रताड़ित होता रहेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा परंतु इस तरह किसी व्यापारी का उत्पीड़न करना उचित नहीं है