सरकार द्वारा पेश किए गए बजट पर जिला अध्यक्ष कांग्रेश लालू दुबे की प्रतिक्रिया
बाँदा। भारत सरकार ने आज संसद मे बजट पेश किया। पूरा बजट सुनने के बाद ऐसा लगा कि सरकार जनता को देख कर नही बल्कि चुनाव को देख कर पेश किया गया है। टैक्स सीमा का बदला गया स्वरुप एक दिखावा है। यह सीमा कम से कम आठ लाख होनी चाहिए। जो उच्चतम न्यायालय मे शपथ पत्र सरकार ने दिया था।
महंगाई कम करने का कोई प्रावधान नही है। किसान को सीधे मदद की कोई कोशिश नहीं की गई है। बेरोजगारी को दूर कैसे हो किसका कोई भी तरीका नही है। शिक्षा के बढ़ावा को कोई भी सीधा रास्ता नही दिखायी दिया । रेलवे मे नयी परियोजनाओं की कोई धोषणा नहीं की गई।
मै तो केवल जनहित का नही बल्कि चुनाव हित का बजट कहूंगा। वर्तमान सरकार से अपील है कि चुनाव के अलावा भी ज़िन्दगी है इस विचार करें।