कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा
बांदा दिनांक 11.01.2023 | राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण- नई दिल्ली, उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीया जिला जज / अध्यक्षा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमती कमलेश कच्छल जी के निर्देशन में उनके विश्राम कक्ष में आज दिनांक 23.01.2023 को सायं 04:00 बजे से अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, राष्ट्रीय लोक अदालत तथा क्षतिपूर्ति योजना – 2014 के सम्बंध में बैठक आहूत की गयी। बैठक की अध्यक्षता जिला जज / अध्यक्षा, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमती कमलेश कच्छल द्वारा की गयी।
अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी के सम्बंध में धारा-436ए दं०प्र०सं० के अन्तर्गत कुल 25 बन्दी चिन्हित किये गये। माननीय उच्चतम् न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा सोनाधर बनाम छत्तीसगढ़ राज्य में पारित आदेश के अनुपालन में सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमान बी० डी० गुप्ता के अथक प्रयास से चिन्हित किये गये 04 बन्दियों में एक बन्दी की रिहाई के आदेश कराये गये एवं शेष 03 बन्दियों की रिहाई हेतु प्रयास किया जा रहा है।
पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना – 2014 के अन्तर्गत पात्र पीड़ित को प्रतिकर धनराशि दिलाये जाने हेतु आहूत बैठक में जिलाधिकारी, बांदा एवं पुलिस अधीक्षक, बांदा के अनुपस्थित होने के कारण बैठक स्थगित की गयी जिसके सम्बंध में माननीया जिला जज / अध्यक्षा महोदया द्वारा अग्रिम तिथि नियत कर बैठक कराये जाने हेतु निर्देशित किया गया।
इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु माननीया जिला जज / अध्यक्षा महोदया द्वारा प्रथम अपर जिला जज, बांदा श्रीमान मोहम्मद कमरुज्जमा खॉन, अपर जिला जज- डी०ए०ए०, बांदा श्रीमान छोटेलाल यादव, सचिव- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा श्रीमान बी०डी० गुप्ता, प्रभारी मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, बांदा श्रीमान नदीम अनवर, अपर जिलाधिकारी, बांदा श्री उमाकान्त त्रिपाठी, अपर पुलिस अधीक्षक, बांदा श्री लक्ष्मी निवास मिश्र एवं जिला अग्रणी प्रबन्धक, बांदा श्री विनय कुमार पाण्डेय के साथ विचार विमर्श कर राष्ट्रीय लोक अदालत हेतु चिन्हिांकित समस्त प्रकार के वादों के साथ साथ बैंको के वादों को अधिक से अधिक निस्तारण कराये जाने पर बल दिया गया। आगामी दिनांक 11 फरवरी, 2023 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक वसूली वाद, किरायेदारी वाद, मोबाइल फोन व केबल नेटवर्क संबंधी प्रकरण, आयकर, बैंक व अन्य वित्तीय संस्थाओं से सम्बंधित प्रकरण दीवानी वाद, उत्तराधिकार वाद, पारिवारिक वाद / दाम्पत्य विवादों के प्री-लिटिगेशन स्तर पर अधिक से अधिक समाधान योग्य वादों का निस्तारण, मोटर दुर्घटना प्रतिकर वाद, चेक बाउंस के मामले, जनउपयोगी सेवाओं तथा वाणिज्य कर से सम्बन्धित प्रकरण, राजस्व / चकबन्दी / श्रम वाद, चालानी वाद व शमनीय प्रकृति लघु आपराधिक वाद आदि मामलों का निस्तारण आपसी सुलह-समझौते / संस्वीकृति के आधार पर किया जाएगा। साथ ही यातायात सम्बन्धी चालानों e.chalaan का निस्तारण लोक अदालत के माध्यम से किया जायेगा
