कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा
माननीय उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जिला जज / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण-बांदा डा० बब्बू सारंग जी के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के तत्वावधान में आज दिनांक 29.08.2024 को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर श्याम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, खांईपार जिला बांदा में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक जागरुकता शिविर की अध्यक्षत श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा की गयी।
श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस भारत के महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचन्द जी की जयन्ती के उपलक्ष्य में मनाया जाता हैं। जिन्होने भारत को तीन ओलंपिक स्वर्ण पदक दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। राष्ट्रीय खेल दिवस का उद्देश्य खेल और शारीरिक फिटनेस के महत्व को बढ़ावा देना एवं देश के एथलीटों की उपलब्धियों को सम्मानित करना हैं। इस माह देश के कई खिलाड़ियों ने भी ओलंपिक खेलों में स्वर्ण, रजत व कास्य पदक जीत कर अपने देश का नाम रौशन किया हैं। सभी पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को अध्यन के साथ खेल भी खेलना चाहिए जिससे कि देश को सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी मिल सके व ओलंपिक खेलों में देश का नाम हो सकें। स्पोर्टस से देश के बच्चों का शारीरिक विकास व मानसिक विकास भी होता हैं। मेजर ध्यानचन्द जी महज सोलह वर्ष की आयु में भारतीय सेना में भर्ती हो गये थे। उनका असली नाम ध्यान सिंह था किन्तु उस समय बिजली ज्यादा न आने के कारण वे चन्द्रमा की रौशनी में ही खेल का अभ्यास करते थे जिस देखकर उनके मित्रों ने उनके नाम के साथ चांद जोड़ दिया जो बाद में चंद हो गया और उनका नाम ध्यानचन्द पड़ गया। मेजर ध्यानचन्द के छोटे भाई श्री रुप सिंह भी हॉकी के अच्छे खिलाड़ी थे।
श्रीमती सुमन शुक्ला, पराविधिक स्वयं सेवक ने अपने वक्तव्य में कहा कि पुराने समय में खेल-कूद को कम महत्व दिया जाता था किन्तु तेजी से बदलाव आता गया और खेल का प्रचलन बढ़ता गया। आज हमारे देश में अच्छा खेल प्रदर्शन करने वाले सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी देश का नाम रौशन कर रहें हैं जिसमें महिलाएं भी सबसे आगे हैं। ऐसे में भारतीय खेलों के इतिहास और खिलाड़ियों की उपलब्धियों को मान्यता देने के लिए भारत में हर साल आज के दिन राष्ट्रीय खेल दिवस मनाया जाता हैं। राष्ट्रीय खेल दिवस हॉकी के प्रसिद्ध खिलाड़ी मेजर ध्यानचन्द जी के जन्म दिवस के रुप में मनाया जाता हैं।
सुश्री अनीता काउन्सलर, वन स्टाप सेण्टर, जिला प्रोबेशन कार्यालय बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में सरकार द्वारा संचालित कार्यक्रम संकल्प-HEW के सम्बंध में तथा भ्रूण हत्या के सम्बंध में जानकारी प्रदान की। संकल्प-HEW के अन्तर्गत कानूनी जानकारियां सरल व सहज भाषा में लोगो को उपलब्ध कराना है जिससे कि बच्चियों को सुरक्षित रखा जा सके। भ्रूण हत्या रोकने के लिए महिलाओं को जागरुक किये जाने की आवश्यकता है जिससे वह पारिवारिक दबाव के समय इसका विरोध कर सके। उन्होन बताया कि यह बड़े हर्ष का विषय है कि हमारे जनपद में बच्चियों का लिगानुपात बढ़ा है। भारतीय संस्कृति में महिलाओं का गौरवपूर्ण स्थान रहा है। परिवार में बच्चियों के बिना परिवार संतुलित एवं सुखी नही रह सकता। साथ ही उन्होने वन स्टाप सेण्टर द्वारा पीड़ित महिलाओं को प्राप्त अधिकारों व सरकार द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं तथा उ०प्र० मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना आदि के सम्बंध में व्यापक जानाकरी प्रदान की।
श्री नवीन निगम-प्रधानाचार्य, श्याम उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, बांदा ने अपने वक्तव्य में कहा कि देश के भविष्य के लिए बच्चों की शिक्षा आवश्यक हैं किन्तु उसके साथ ही बच्चों के शारीरिक व मानसिक विकास के लिए खेल भी आवश्यक हैं। छात्र-छात्राओं को दैनिक रुप से खेल का अभ्यास करना चाहिए।

शिविर के अन्त में प्रधानाचार्य श्री नवीन निगम द्वारा सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। शिविर में श्री शिव सम्पत, सी०एच०एल०-1098 द्वारा भी उद्बोधन किया गया। शिविर में श्री राशिद अहमद-डी.ई.ओ व समस्त छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें