*बिजली विभाग ने तीन माह में ऐसे 38 हजार 115 लोगों के कनेक्शन काटे
बांदा। घर में अंधेरा न रहे इसके लिए लोग किसी न किसी जुगत से रुपये जमा कर कनेक्शन लेते हैं। यदि किसी प्रकार की दिक्कत हो जाए और बिल जमा न कर सकें, तो बिना सूचना कनेक्शन काट दिया जाता है। विद्युत विभाग ने तीन माह में ऐसे 38 हजार 115 लोगों के कनेक्शन काट दिए। घर में अंधेरा होने की वजह से बच्चों की पढ़ाई व अन्य कार्य प्रभावित होने की वजह से किसी तरह बिल जमा कर अंधेरा दूर किया।
विभागीय आकड़ों की मानें तो अब तक कुल 10 हजार 623 लाख रुपये उपभोक्ताओं द्वारा जमा किया गया है। जनपद में विद्युत कनेक्शन की बात करें तो लगभग दो लाख कनेक्शन हैं। इनमें किसानों के घर, निजी नलकूप सहित बड़े-बड़े अधिकारियों व व्यापारियों के कनेक्शन शामिल हैं।
विभाग छोटे बकाएदारों के कनेक्शन काटकर बकाया बिल जमा करने की धौंस जमाता है, लेकिन वहीं जब बड़े बकाएदारों की बात आती है तो उनके घरों की तरफ झांकता भी नहीं है। जनपद में बड़े बकाएदारों में शामिल सरकारी विभागों पर 19,51.44 लाख रुपये बकाया है, लेकिन उनपर मेहरबानी बनी रहती है और छोटे बकाएदारों का कनेक्शन काट दिया जाता है।
पीलीकोठी उपकेंद्र में बीते तीन माह में 4,994 के कनेक्शन काट 1520.55 लाख वसूले गए हैं। वहीं चिल्ला रोड उपखंड में 3,897 के कनेक्शन काट 15,34.94 लाख वसूले, अतर्रा में 5,088 उपभोक्ता का कनेक्शन काटा गया और 1645.33 लाख की वसूली की गई।
वहीं नरैनी में 4,075 से 1927.55 लाख व पैलानी में 5797 से 11,00.05 लाख की वसूली की गई। बांदा ग्रामीण में 5497 उपभोक्ताओं का कनेक्शन काट 1381.1 लाख की वसूली कर कनेक्शन जोड़ा गया। वहीं बबेरू में 8767 के कनेक्शन काट 1513.98 लाख की वसूली हुई है।
बिजली उपयोग करने के बाद बकाया न जमा करने वालों के खिलाफ समय-समय पर अभियान चलाया जाता है। यह एक सामान्य प्रक्रिया है। उपभोक्ता बिजली का उपयोग तो करता है, लेकिन बिल नहीं जमा करता है। इससे निगम को भारी नुकसान हो रहा है। यह अभियान निरंतर चलता रहेगा।
-जयंती प्रसाद नारायण सिंह, अधीक्षण अभियंता, विद्युत वितरण मंडल बांदा।