दा- आज दिनांक 03/01/2023 दिन मंगलवार को जनपद बांदा मैं सावित्रीबाई फुले की जन्म जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनाई गई। सावित्रीबाई फुले की जयंती के शुभ अवसर पर जिला अध्यक्ष आंगनबाड़ी संघ किरण सेठी जी के नेतृत्व मे वृद्धा आश्रम जनपद बांदा मे लगभग 70 से 80 बुजुर्गों को मिठाई खिलाकर नए वर्ष की बधाई शुभकामनाएं दी गई एवं उनसे आशीर्वाद की कामना की गई। एवं सभी को मिठाई के साथ साथ गरम कंबल वितरित किए गए। वही सावित्रीबाई फुले की जन्म जयंती पर किरन सेठी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले हमारे भारत देश की प्रथम शिक्षिका हैं। जिन्होंने नारी शिक्षा पर विशेष जोर दिया है, एवं महिला अधिकारों के लिए रूढ़िवादी परंपराओं को तोड़कर आंदोलन खड़ा करने वाली सावित्रीबाई फुले का जन्म 3 जनवरी 1831 में हुआ था। एवं जब वो लड़कियों को पढ़ाने के लिए जाती थी तो रास्ते में लोग उन पर गंदगी और कीचड़ फेंकते थे, सावित्रीबाई फुले अपनी थैली में एक साड़ी लेकर चलती थी ताकि गंदी होने पर स्कूल में जाकर बदली जा सके। एवं इन्होंने छुआछूत का हमेशा विरोध किया ! वहीं किसान नेता दिनेश कुमार निरंजन ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने सर्व समाज के लिए खासकर शिक्षा के क्षेत्र में विशेष कार्य किया है। यदि हमें अपने बच्चों को महान बनाना है तो माता सावित्री बाई फुले एवं सभी महापुरुषों द्वारा बनाए गए रास्तों पर चलने की अति आवश्यकता है एवं सभी महापुरुषों के बारे में पढ़ने की अति आवश्यकता है। वही प्रदेश महामंत्री बुंदेलखंड किसान मजदूर संघ दयाराम निषाद ने कहा कि शिक्षा ही शेरनी का वह दूध है जो जितना पिएगा उतना ही दहाड़ेगा। अर्थात सभी किसान भाइयों को अपने बच्चों की शिक्षा पर ध्यान देना अति आवश्यक है। वहीं समाजसेवी रोहन सेठी ने कहा कि सभी महापुरुषों की जन्म जयंती बड़े ही धूमधाम के साथ मनानी चाहिए। इस मौके पर मुख्य रूप से जिला अध्यक्ष आंगनबाड़ी संघ बांदा किरण सेठी, वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिनेश कुमार निरंजन बुंदेलखंड किसान मजदूर संघ, प्रदेश महामंत्री दयाराम निषाद, समाज सेविका अनुराधा राजपूत, जिला सचिव सुमन तिवारी बुंदेलखंड किसान मजदूर संघ, समाजसेवी सुशील कुमार, समाजसेवी राहुल , समाजसेवी अंकुश आदि मुख्य रूप से उपस्थित रहे।