प्रधान और सचिव की लापरवाही से गौशालाओं में बदहाली का आलम जिम्मेदार हुए मौन
बांदा पूरा मामला महुआ ब्लॉक के रिसोरा गांव का है जहां विगत कुछ दिन पहले विश्व हिंदू महासंघ गौ रक्षा समिति नरैनी तहसील की टीम के द्वारा करीब 10दिन पहले महुआ ब्लॉक के ग्राम पंचायत रिसौरा गौ शाला का गौ रक्षा टीम के पदाधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया गया था जिसमे रिसौरा गौशाला में किसी भी तरह की गौ वंश को बचाव की व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी तभी गौरक्षा समिति के लोग वहा पर निरीक्षण हेतु पहुंचे और गांव के ग्रामीण लोग भी उनके साथ उपस्थित थे तभी वहां मौके पर सचिव, वी डी ओ महुआ, प्रधान रामऔतार मौजूद थे जिस पर खराब ब्यावस्था को लेकर गौ रक्षा टीम से सुचारू व्यवस्था को लेकर काफी नोक झोंक हुई। नरैनी तहसील अध्यक्ष सोनू करवरिया ने बताया की सचिव प्रेम नारायण ने लिखित रूप में कहा था की दो दिन में सारी गौशाला की समुचित व्यवस्था दुरूस्त करके दूंगा परंतु आज 10 दिन हो गए परन्तु अभी तक समुचित गौ वंश के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और ग्राम प्रधान कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है वहां पर केवल गौ वंश के लिए जो भूसा रखा है वह केवल दिखावा के लिए रखा है । गौ वंश को डाला कुछ भी नहीं जा रहा है जबकि प्रधान को 195 के तहत नोटिस जारी किया गया था फिर भी उसको कोई डर भय नहीं है और अभी तलक गौशाला में स्थित का सुधार नहीं हो पा रहा है आखिर कब तक करेगे जिम्मेदार आनाकानी। सोनू करवरिया ने कहा की प्रदेश की सरकार लगातार गौवंशो के बचाव हेतु सभी गौशालाओं में गोवंश के बचाव हेतु लगातार प्रयत्नशील है लेकिन प्रधान और सचिव की अनदेखी से रोजाना भूख और प्यास से ठंड की चपेट में आकर गोवंश बीमार और मौत को गले लगाने को हो रहे मजबूर आखिर क्या है इन बेजुबान जानवरों का कसूर जो जिम्मेदारों की अनदेखी का हो रहे शिकार कोई नहीं है सुनने वाला इनकी पुकार