*मृदंग केशरी पं• झण्डीलाल द्विवेदी संगीत समारोह सम्पन्न*
न्देलखण्ड की तहसील गौरिहार के ग्राम पलटा छतरपुर (म.प्र) में सन् 1909 ई. में जन्मे पं•श्री श्यामसुन्दर “झण्डीलाल” द्विवेदी मृदंगाचार्य के 115वें जन्मदिवस के अवसर पर जयंती संगीत समारोह 1 अक्टूबर 2024 ई.को श्री रामदरबार मंदिर कटरा (बाँदा ) में सम्पन्न हुआ। श्री झण्डीलाल जी पं• कुदऊ सिंह घराने के श्रेष्ठतम मृदंग वादक थे। जयंती संगीत समारोह में कानपुर से आए ख्यातिप्राप्त ध्रुवपद गायक पं•श्री मुकेश द्विवेदी ने राग जयजयवंती में आलाप व चारताल में बंदिश प्रस्तुत किया बंदिश के बोल थे – (मोर मुकुट कानन कुण्डल) पश्चात मध्य लय में शूलताल प्रस्तुत किया जिसके बोल थे – (जगजननि भवानी ) प्रस्तुत करते हुए अपनी प्रस्तुति सम्पन्न किया इनके साथ पखावज पर पं •अवधेश द्विवेदी(मृदंगाचार्य)ने संगति की पश्चात पं• अवधेश द्विवेदी जी कैपौत्र अनमोल द्विवेदी व शिष्या कु•प्रियंका मणि दोनो ने पखावज चारताल में जुगलबंदी प्रस्तुत की अगले क्रम मे जहानाबाद से पधारे उ•अयाज खाँ ने राग यमन मे आलाप व ध्रुवपद प्रस्तुत किया जिसके बोल थे (श्यामसुन्दर प्यारे ) व राग जोग में शूलताल की प्रस्तुति दी जिसके बोल थे -(ऐसे झण्डीलाल) इनके साथ चित्रकूट से पधारे पं•श्री लल्लूराम शुक्ल ने पखावज पर सुंदर संगति की । प्रमुदित मिश्र ने झपताल व तराना ख्याल अंग के अंदाज में प्रस्तुत किया इनके साथ तबले पर संगति मिथलेश सिंह व योगेन्द्र पाण्डेय ने की । पं• श्री झण्डीलाल जी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए आशु कवि श्री जवाहरलाल (जलज) जी व कविरत्न श्री डाॅ सी•पी• दीक्षित (ललित जी) ने काव्य पाठ प्रस्तुत कर सांगीतिक व साहित्यिक सामंजस्य प्रस्तुत किया । कार्यक्रम का संचालन पं•श्री लल्लूराम शुक्ल ने किया ।