कार्यालय जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा
माननीय उ०प्र० राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ एवं माननीय जिला जज / अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण-बांदा डा० बब्बू सारंग जी के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के तत्वावधान में आज दिनांक 18.10.2024 को मानव तस्करी एवं स्वास्थ्य के सम्बंध में सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज-बांदा में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। विधिक जागरुकता शिविर की अध्यक्षता श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज/सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा की गयी।
श्रीमान श्रीपाल सिंह, अपर जिला जज / सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा द्वारा अपने सम्बोधन में कहा कि किसी व्यक्ति को डाराकर, बलपूर्वक या दोषपूर्ण तरीके से काम लेना, यहां-वहां ले जाना अथवा कार्य हेतु या आर्थिक लाभ हेतु बंधक बनाकर रखने जैसे कृत्य मानव तस्करी की श्रेणी में आते हैं। मानलव तस्करी के सबसे बड़े कारणों में बंधुआ मजदूरी, देह व्यापार, सामाजिक असमानता, क्षेत्रीय लैंगिक असंतुलन, बेहतर जीवन की लालसा, सामाजिक सुरक्षा की चिंता, महानगरों में घरेलू कार्यों के लिए बच्चों की तस्करी, चाइल्ड पोर्नोग्राफी के लिए भी बच्चों की तस्करी आदि हैं। मानव तस्करी गुलामी का ही एक रुप हैं। यह वह अपराध हैं जहां एक व्यक्ति अपने आर्थिक लाभ के लिए दूसरे व्यक्ति का शोषण कर रहा हैं। मानव तस्कर अपने पीड़ितो की संवेदनशील स्थिति का फायदा उठाकर उन पर नियन्त्रण कर लेते हैं। अक्सर वे शारीरिक या मनो वैज्ञानिक हिंसा का प्रयोग करते हैं तथा पीड़ित / पीड़िता की स्वतन्त्रता को सीमित कर देते हैं। मानव तस्करी हर किसी को प्रभावित कर सकती हैं। वयस्क और बच्चे, पुरुष, महिला और ट्रांसजेण्डर सभी इसका शिकार हो सकते हैं। दुनिया भर में मानव तस्करी के पीड़ितो में एक तिहाई बच्चें होते हैं। इसे रोकने के लिए देश भर में कई प्रकार की योजनाएं, सरकारी व गैर सरकारी संगठन कार्य कर रहें हैं किन्तु इसे रोकने के लिए प्रत्येक व्यक्त्ति का जागरुक व सर्तक होना अति आवश्यक हैं एवं अपने बच्चों को भी इससे जागरुक करना चाहिए जिससे कि हम इस समस्या से निकल सकें।
डा० ऐ०के० सिंह, हृदय रोग विशेषज्ञ द्वारा अपने वक्तव्य में बताया गया कि बच्चों के अंगो की तस्करी कर आर्थिक लाभ हेतु व्यक्ति बच्चों की तस्करी बड़े पैमाने पर करते हैं। जिसके बचाव हेतु अभिभावकों, माता-पिता को अपने बच्चों को आवश्यक रुप से इससे जागरुक करना चाहिएं। डा० ऐ०के सिंह द्वारा बच्चों को स्वस्थ्य रहने के मूलमन्त्र बताये गयें।
श्री तरुण खरे, पराविधिक स्वयं सेवक द्वारा बच्चों को योगा करने के लाभ बताते हुए योगाभ्यास पर प्रकाश डाला।
श्री रमेश गुप्ता, प्रधानाचार्य, सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज-बांदा द्वारा भी मानव तस्करी पर व्याख्यान करते हुए छात्र-छात्राओं को इससे बचने के उपाय बताये गये।
श्री सन्तोष कुमार सिंह, प्रबन्धक, सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कॉलेज-नरैनी द्वारा पधारे हुए सभी अतिथियों का आभार व्यक्त कर कार्यक्रम का समापन किया। शिविर के अन्त में सरस्वती विद्या मन्दिर इण्टर कालेज की ओर से प्रदेश स्तरीय खेल-कूद प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग कर प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले छात्र-छात्राओं को श्रीमान श्रीपाल सिंह अपर जिला जज / सचिव महोदय द्वारा व अन्य सभी अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र व मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
शि
विर का संचालन श्री तरुण खरे, पराविधिक स्वयं सेवक द्वारा किया गया। इस शिविर में श्री राशिद अहमद डी०ई०ओ०, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, बांदा के साथ विद्यालय के सभी अध्यापकगण व छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें।
