प्राइवेट प्राथमिक चिकित्सा मित्र संघ एसोसिएशन ने दिया 11 सूत्री मांग पत्र
मांग पत्र प्रधानमंत्री,/मुख्यमंत्री
संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से मांग की गई की
डी आई और सीएमओ के द्वारा अवैध वसूली का लगाया आरोप
संगठन के पदाधिकारी ने बताया की लगातार मेडिकल स्टोर जोकी फार्मासिस्ट है लगातार₹500 रुकी मासिक वसूली की जा रही है बताया की लगातार झोलाछाप जिन्हें (कुक्स) कहा जाता है एमबीबीएस बी एमए एस के यहां ग्रेजुएशन करने के बाद उन बड़े-बड़े नर्सिंग होम में काम करते हैं और बाद में वही व्यक्ति अपना खुद का मेडिकल स्टोर या नर्सिंग होम खोल देते हैं तब सरकारी अधिकारी कर्मचारी अवैध रसूली शुरू कर देते हैं इस अवैध वसूली से अजीज आकर आज जिलाधिकारी महोदय के माध्यम से 11 सूत्रीय मांग पत्र मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सोपा गया है आशा की गई है की सरकार हमारी बातों को ध्यान दें और हम लोगों का उत्पीड़न रोका जाए क्योंकि कोरोना के समय में इन्हीं डॉक्टरों ने जिन्हें झोलाछाप की संज्ञा दी जाती है और अपमानित किया जाता है इन्हीं डॉक्टरों ने लाखों और करोड़ों लोगों की जान बचाई है परंतु इसके बाद भी ना कोई मान और सम्मान मिलता है और अधिकारियों द्वारा प्रताड़ित किए जाते हैं वह अलग से इसलिए हम सरकार से मांग करते हैं की सभी झोलाछाप डॉक्टरों को जो इंटर इंटर ग्रेजुएट @ पोस्ट ग्रेजुएशन किए हुए हैं ऐसे लोगों को ट्रेनिंग दिला करके उन्हें प्राथमिक चिकित्सा उपलब्ध कराने की इजाजत दी जाए जिससे बेरोजगारी में भी कमी आएगी और प्राकृतिक आपदाओं में भी हमारा सहयोग लिया जाए यह बात राज गुप्ता जी ने कहा उन्होंने सरकार की तारीफ भी की और कहा 50 साल का की समस्या का निदान जल्दी नहीं हो सकता परंतु हमें आशा है की मुख्यमंत्री जी ध्यान देंगे और जो अधिकारी उत्पीड़न कर रहे हैं उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी ऐसी हमें उम्मीद है