इस पूरे अभियान में विशेष रूप से बाँदा विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा की सक्रिय भूमिका देखने को मिली, जिन्होंने मौके पर मौजूद रहकर कार्रवाई की कमान संभाली और टीम को निर्देशित करते हुए अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया को तेज और व्यवस्थित बनाया, वहीं नगर पालिका के ईओ ने अपनी टीम के साथ मिलकर अभियान को जमीनी स्तर पर क्रियान्वित किया और सुनिश्चित किया कि कोई भी अवैध दुकान शेष न रहे, कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज के नेतृत्व में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा, जिससे पूरे अभियान के दौरान स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में रही और कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई, सुबह से ही प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर पहले दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने के लिए समझाइश दी, लेकिन निर्देशों की अनदेखी होने पर सख्ती बरतते हुए तत्काल प्रभाव से दुकानों को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, न्यायालय गेट के बाहर अतिक्रमण के कारण आमजन को आवागमन में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था और सुरक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही थी, जिसे गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने यह सख्त कदम उठाया, डीएम ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि शहर में किसी भी सूरत में अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अतिक्रमण के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा, बाँदा विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा ने भी मौके पर स्पष्ट निर्देश दिए कि हटाए गए अतिक्रमण दोबारा न लगने पाए और इसके लिए नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए, अभियान के दौरान कुछ दुकानदारों ने हल्का विरोध भी किया, लेकिन प्रशासन और पुलिस की मुस्तैदी के चलते स्थिति तुरंत सामान्य हो गई और पूरा क्षेत्र खाली कराया गया, स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि इससे न्यायालय गेट के बाहर जाम और अव्यवस्था की समस्या से राहत मिलेगी, जिलाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन का यह एक्शन यह साफ संदेश देता है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ अब सीधे और सख्त कदम उठाए जाएंगे, नगर पालिका और विकास प्राधिकरण की संयुक्त टीम को आगे भी शहर के अन्य अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में इसी तरह अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं, कुल मिलाकर डीएम के नेतृत्व और बाँदा विकास प्राधिकरण के सचिव मदन मोहन वर्मा की सक्रिय निगरानी में यह कार्रवाई प्रभावी और सफल मानी जा रही है।