जनसमस्याओं से परेशान होकर समाजसेवी पीसी पटेल ने आत्मदाह का किया प्रयास मंडलायुक्त बांदा चित्रकूट के दो दिन में कार्य करवाने के साथ दोषियों पर शक्त कार्यवाही के आश्वासन पर शांत हुए किसान*
पूरा मामला जनपद बांदा की तहसील बबेरू अंतर्गत बिसंडा बिजली घर से सामने आया जहां किसान वर्तमान की धान की फसल बचाने के लिए दिन रात अन्ना जानवरों पानी विद्युत की गम्भीर समस्या से जूझ रहे थे वहीं बिसंडा बिजली घर पर ही पूर्व में किसानों ने चार दिवसीय शांति पूर्ण अनशन किया था अनशनकरियों के बीच मंडलायुक्त बांदा चित्रकूट के प्रतिनिधि के रूप में मुख्य विकास अधिकारी बांदा अजय पाण्डेय संबंधित विभागीय अधिकारियों को लेकर बिसंडा पहुंचकर अध्यक्ष जिला पंचायत बांदा सुनील सिंह पटेल, वर्तमान सांसद पति पूर्व मंत्री शिवशंकर सिंह पटेल जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में 7 दिनों के अंदर बिंदुवार समस्याओं का निस्तारण करने का लिखित आश्वासन दिया गया था लेकिन 16 दिन बीत जाने के बाद भी समस्या जस की तस बनी रहने पर समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक एवं किसान परेशान होकर आत्मदाह के लिए मजबूर हो गए आज दिनांक 16 अगस्त को बिसंडा बिजली घर पर सभी लोग शांतिपूर्ण आत्मदाह के लिए बैठे थे तभी उपजिलाधिकारी अतर्रा संबंधित विभागीय अधिकारियों को लेकर किसानों के बीच आमने सामने बैठाकर पूर्व में दिए गए लिखित आश्वासन के कार्यों की जांच करने लगे किंतु पूरी तरह से अधिकारियों ने झूठी निस्तारण की कहानी बात कर पल्ला झाड़ने लगे तभी समाजसेवी पीसी पटेल एवं अन्य किसानों ने शांतिपूर्ण तरीके से अधिकारियों को अवगत कराने लगे कि अभी तक किसी बिंदु पर कोई ठोस कार्यवाही न होने से किसी भी समस्या का समाधान नहीं हुआ जिस पर उपजिलाधिकारी अतर्रा समस्त विभागीय कर्मचारियों अधिकारियों का पक्ष लेते नजर आए जिससे परेशान होकर समाजसेवी पीसी पटेल ने बांदा चित्रकूट के मंडल आयुक्त श्रीमान अजीत कुमार जी से फोन वार्ता की उन्होंने जनपद से अपर जिलाधिकारी बांदा को भेजने की बात कही लेकिन इसी बीच किसी का फोन उपजिलाधिकारी अतर्रा को आया और वह समाजसेवी पीसी पटेल सहित पीड़ित किसानों को धमकाते हुए उग्र होगए भारी पुलिच बुलाकर गिरफ्तार करने की धमकी देने लगे तभी समाजसेवी पीसी पटेल ने आयुक्त चित्रकूट बांदा को पुनः फोन किया और एसडीएम द्वारा हम किसानों से बर्बरता किए जाने की बात बताई तभी कमिश्नर साहब ने अतर्रा एसडीएम को डांटते हुए शांति तौर पर समाधान एवं दोषियों पर कार्यवाही के लिए जोर दिया तभी उपजिलाधिकारी अतर्रा ने किसानों से माफी मांगते हुए 2 दिन के अंदर जमीनी स्तर पर समस्याओं के समाधान करवाने एवं लापरवाही करने वाले कर्मचारियों अधिकारियों पर ठोस कार्यवाही की लिखित आश्वासन दिया तब पूर्व की भांति समाजसेवी पीसी पटेल जनसेवक ने प्रशासन का सहयोग करने हेतु आगे आए।
इस मौके पर दर्जनों गांवों के सैकड़ों किसान मौजूद रहें।