जिलाधिकारी बांदा ने कुपोषण की रोकथाम एवं बचाव हेतु 100 बच्चों को सुपर किट का वितरण किया।
बांदा,आज 20 दिसम्बर, को
जिलाधिकारी श्रीमती दीपा रंजन की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में आंगनबाडी केन्द्रों में पंजीकृत 03 से 05 वर्ष तक के बच्चों को कुपोषण की रोकथाम एवं बचाव हेतु 100 बच्चों को सुपर किट का वितरण किया। जिलाधिकारी ने कार्यक्रम में उपस्थित अतिकुपोषित बच्चों के माता-पिता को जागरूक करते हुए कहा कि बच्चों को कुपोषण से बचाव हेतु जन्म से लेकर 06 माह तक बच्चों को माॅ का स्तन पान कराना आवश्यक है। माॅ का दूध बच्चों हेतु सुपाच्य एवं अत्यन्त लाभकारी होता है। उन्होंने बच्चों को जन्म से लेकर सभी सम्पूर्ण टीकाकरण कराये जाने तथा पौष्टिक आहार देने एवं स्वच्छता को अपनाते हुए बेहतर रूप से देखभाल करने हेतु जागरूक किया। उन्होंने बताया कि अति कुपोषित बच्चों को कुपोषण से मुक्त कराने हेतु एवं इलाज के लिए सरकार द्वारा जिला अस्पताल में एन0आर0सी0 सेन्टर बनाया गया है, जिसमें ऐसे बच्चों को भर्ती कर कुपोषण से मुक्त कराया जा सकता है। उन्होंने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि सभी अपने-अपने बच्चों को समय से टीके अवश्य लगावायें, जिससे कि विभिन्न बीमारियों से बचाव हो सके।
उन्होंने कहा कि कुपोषण से बचाव के लिए बच्चों को पौष्टिक आहार एवं प्रोटीन युक्त भोजन जैसे-दाल, दूध, चना, गुड, सोयाबीन, मूमफली आदि दें तथा इसके साथ ही बच्चों को साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए बेहतर स्वास्थ्य देना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शुद्ध पेयजल हेतु पानी को उबालकर बच्चों को दें तथा स्वच्छता हेतु हांथ धुलने की बच्चों में आदत डालें। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने एवं उन्हें पौष्टिक आहार एवं प्रोटीन युक्त भोजन दिये जाने के साथ उनकी समय-समय पर आवश्यक जांच कराये, जिससे कि जन्म से ही बच्चा स्वस्थ्य एवं निरोगी हो। उन्होंने अति कुपोषित 100 बच्चों को सुपर किट जिसमें टिफिन, चप्पल, साबुन, पानी की घण्टी आदि सामाग्री की किट तथा झूलों का वितरण किया।
कार्यक्रम में जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री केसरी नंदन तिवारी, डाॅ0 एच0सी0पाॅलीवाल, बाल रोग विशेषज्ञ चिकित्सक सहित आंगनबाडी कार्यकत्री उपस्थित रहीं।