छात्र संघ पूर्व अध्यक्ष सुशील त्रिवेदी ने कहा कि यदि उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएं तो करोड़ों रुपयों के गबन का उजागर होगा क्योंकि महाराणा प्रताप चौराहा से इंदिरा नगर तक पूर्व में डिवाइडर का कार्य कराया गया था और फिर उसे तोड़ा गया था शासन की कड़ी फटकार के बाद अधिशाषी अभियंता राजाराम मथुरिया ने 04 मार्च 2023 को भेजी अपनी जाँच आख्या में लिखा है कि शासन ने डिवाइडर कार्य के लिए 43 लाख दिए थे लेकिन डिवाइडर का कार्य कराया ही नहीं गया जिससे साफ है कि अभी भी भ्रष्टाचार के आकंठ में डूबे अधिकारियों को बचाने में जुटे है पूर्व छात्र नेता ने कहा की भ्रष्टाचार में डूबे अधिकारियों को जब तक दंड नहीं मिल जाता और गबन किया गया धन वसूला नहीं जाता तब तक हम चुप नहीं बैठेंगे।