जिलाधिकारी बांदा श्रीमती दीपा रंजन की अध्यक्षता में कलेक्टेªट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्स अधिकारियों को निर्देश दिये कि संस्थागत प्रसव को बढाया जाए तथा आशाओं के द्वारा संस्थागत प्रसव कराये जाने के कार्य की नियमित रूप में समीक्षा करें। जिन आशाओं के द्वारा गर्भवती महिलाओं की नियमित एएलसी जांच/टीकाकरण व संस्थागत प्रसव कराने में रूचि लेकर कार्य नही कर रही हैं, उनके विरूद्ध नोटिस देकर कडी कार्यवाही की जाए। उन्होंने निर्देश दिये कि प्रत्येक वीएचएनडी दिवस में सभी गर्भवती महिलाओं की जांच की जाए। इस कार्य में सीएचओ को भी लगाया जाए। उन्होंने एएनएम एवं आशाओं को भी एएलसी जांच करने के निर्देश दिये।
जिलाधिकारी ने प्रत्येक ब्लाक में पाॅच-पाॅच सब सेन्टर शीघ्र संचालित कराये जाने के निर्देश प्रभारी चिकित्साधिकारियों को दिये। उन्होंने निर्देशित किया कि पीएचसी/ सीएचसी एवं जिला चिकित्सालय महिला में जहां पर भी बेटी का जन्म होता है, उसको कन्या सुमंगला योजना के अन्तर्गत लाभ दिलाये जाने हेतु उसका फार्म अभिभावकों से भरवाकर कार्यवाही की जाए। उन्होंने आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाये जाने के कार्य में प्रगति लाने के निर्देश दिये, इस कार्य में उन्होंने सीएचओ एवं आयुष्मान मित्रों का सहयोग लेकर व प्रशिक्षित लोंगो के द्वारा अन्त्योदय लाभार्थियों सहित अन्य लाभार्थियों के भी अधिक से अधिक गोल्डन कार्ड बनाये जाने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिये कि अनुबन्धित प्राइवेट चिकित्सालयों के द्वारा पात्र लाभार्थियों को आयुष्मान योजना के अन्तर्गत गोल्डन कार्ड के द्वारा चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध करायी जाए, ऐसा न करने पर सम्बन्धित चिकित्सालयों के विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना एवं नियमित टीकाकरण की समीक्षा करते हुए सभी बच्चों का टीकाकरण कराये जाने के निर्देश प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को दिये। उन्होंने जननी सुरक्षा योजना के लभार्थियों का समय से भुगतान किये जाने तथा कार्यरत आशाओं का भी भुगतान समय पर कराये जाने के निर्देश प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को दिये।
जिलाधिकारी ने राष्ट्रीय पुर्नरीक्षित क्षय रोग नियंत्रण कार्यक्रम के अन्तर्गत दिनांक 24 फरवरी से 05 मार्च तक सक्रिय टी0बी0 रोगी खोज अभियान को पूर्ण सक्रियता के संचालित करते हुए टी0बी0 रोगियों का पंजीकरण कराये जाने के निर्देश दिये। बैठक में बताया गया कि इस कार्य हेतु 145 टीमें 29 सुपरवाइजर लगाये गये हैं।
जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान एवं प्रधानमंत्री मातृत्व वन्दना योजना की समीक्षा करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी अतर्रा तथा मेडिकल काॅलेज में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अन्तर्गत योजना का लाभ दिलाये जाने पर जोर दिया। उन्होंने परिवार नियोजन कार्यक्रम के अन्तर्गत समीक्षा करते हुए नरैनी में विशेष ध्यान दिये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने आरबीएसके टीमों के द्वारा आंगनबाडी केन्द्रों एवं विद्यालयों के बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण किये जाने की समीक्षा करते हुए सभी बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने खसरा नियंत्रण हेतु बच्चों का नियमित टीकाकरण कराये जाने तथा खसरा के सम्भावित मरीजों की पहचान कर उनके उपचार की व्यवस्था कराये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने फाइलेरिया नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लोंगो को फाइलेरिया की दवा संचालित अभियान में दिलाये जाने के निर्देश दिये। उन्होंने नियमित टीकाकरण के लिए प्रभारी चिकित्सा अधिकारियों को कडे निर्देश दिये कि आशा, एएनएम के द्वारा बच्चों टीकाकरण किये जाने की प्रति सप्ताह नियमित रूप से समीक्षा की जाए। उन्होंने यूनीसेफ के प्रतिनिधियों को भी टीकाकरण की माॅनीटरिंग करने एवं कैम्प कर टीकाकरण कराये जाने के निर्देश दिये।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी श्री वेद प्रकाश मौर्य, उप मुख्य चिकित्सा अधिकारी, पुरूष/महिला अस्पताल चिकित्सा अधीक्षक, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी, यूनीसेफ, डब्लू एच ओ के प्रतिनिधि तथा सम्बन्धित विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी गण उपस्थित रहे।